प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों की 69,000 शिक्षक भर्ती में बड़ी संख्या में वे शिक्षामित्र फिर खाली हाथ रह गए हैं, जिन्होंने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की है, लेकिन कालम में शिक्षामित्र का उल्लेख न होने से चयन से बाहर हो गए थे। बेसिक शिक्षा मंत्री ने उनके रिकार्ड में बदलाव करने का आदेश दिया था, लेकिन उसका अनुपालन नहीं हुआ। परिषद एक जून की 67,867 जिला आवंटन सूची से ही काउंसिलिंग करा रहा है। इसलिए उन्हें निराश होना पड़ा है।
प्राथमिक स्कूलों की सहायक अध्यापक भर्ती का परिणाम परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने जारी किया था, इसमें 8,018 शिक्षामित्रों ने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की थी। एक जून को परिषद की ओर से जारी जिला आवंटन सूची में बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों का नाम नहीं था। इनमें कुछ रेगुलर बीटीसी तो कुछ विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त हैं। अचयनित शिक्षामित्रों ने परिषद कार्यालय में प्रत्यावेदन दिया, उनकी मांग थी कि वे वर्षो से शिक्षामित्र के रूप में कार्य कर रहे हैं और परीक्षा भी उत्तीर्ण हैं इसलिए चयन सूची में शामिल किया जाए। इन शिक्षामित्रों ने चयन के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एकल पीठ से लेकर दो जजों की खंडपीठ तक ने उसे खारिज कर दिया।
संशोधन की मांग करने वाले निराश : शिक्षक भर्ती की जिला आवंटन सूची में शामिल अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र की गलतियां सुधारने के लिए वेबसाइट नहीं खुल सकी। यह जरूर है कि जिन अभ्यíथयों को शीर्ष कोर्ट या फिर हाईकोर्ट से राहत मिली है उनसे जिला चयन समिति शपथपत्र लेकर निर्णय कर सकती हैं, इसमें अंक बदलने से उनका जिला आवंटन भी बदला जा सकता है।
काउंसिलिंग शुरू होने के बाद बेसिक शिक्षा परिषद सचिव हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए आदेश भी जारी कर सकते हैं। इसका इंतजार किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर चयन के लिए अभ्यर्थी लंबे समय से आवेदन पत्र में प्राप्तांक व पूर्णाक आदि में संशोधन के लिए अवसर देने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया है कि लिखित परीक्षा के लिए आवेदन करते समय गलती से अंकन गलत हो गया है, वह दुरुस्त न होने पर वे काउंसिलिंग में चयन से बाहर हो जाएंगे।
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