रामपुर
शिक्षकों का मेडिकल कराने के नाम पर एक-एक हजार रुपये वसूली किए जाने का मामलातूल पकड़ गया है। मेडिकल के नाम पर एक-एक हजार रुपये वसूले जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। सीएमओ ने इस मामले में अपने स्टेनों को मेडिकल के काम से हटा दिया है,जबकि दो संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी है। इस प्रकरण की जांच बैठा दी गई है। साफ किया गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री की मंशा भले ही भ्रष्टाचार मुक्त सरकारी नौकरी देनी की रही हो, लेकिन अफसरशाही सीएम की मंशा पर पानी फेर रहे हैं । हाल ही में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से शिक्षकों की भर्ती की प्त्रिरया की गई है। इसके तहत रामपुर में नौ सौ से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। काउंसलिंग के बाद उनको नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए गए थे। नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद अब उनको स्कूलों का आवंटन होना है। इससे पहले नियमानुसार उनका मेडिकल भी कराया गया था सोमवार को मेडिकल कराने की कार्रवाई शुर की गई थी। इस बीच तमाम शिक्षकों ने मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर एक- एक हजार रुपये वसूले जाने का भी आरोप लगाया। हालांकि इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग विभाग शुरू में इन आरोपों को नाकारता रहा।

