लखनऊ : लविवि अगले सत्र में अपने को नई शिक्षा नीति के हिसाब से शत-प्रतिशत ढाल लेगा। अभी विश्वविद्यालय ने अपने सिलेबस में 60 फीसद नए विषयों का समावेश कर लिया है, बाकी को अगले वर्ष समाहित कर लिया जाएगा।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि हम इसमें तेजी से काम कर रहे हैं। अगले साल से तीन या चार साल जिसमें विद्यार्थी चाहेगा, स्नातक कर सकेगा। जो विद्यार्थी चार साल का स्नातक कार्यक्रम करेगा, उसका परास्नातक एक वर्ष में ही पूरा हो जाएगा, ऐसे विद्यार्थियों को सबसे अधिक लाभ विदेश में पढ़ाई करने में होगा। विदेश में पीजी एक साल और यूजी चार साल का होता है, ऐसे में तीन साल में यूजी करके भारत से जाने वाले छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है जो कि अब नहीं करना पड़ेगा।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार ने बताया कि हम 60 फीसद राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपना चुके हैं। नई शिक्षा नीति के तहत हम प्रयोगात्मक शिक्षा देंगे। पीजी और पीएचडी में विद्यार्थियों को अनिवार्य तौर पर ट्रेनिंग करनी होगी, जिसमें भाषाओं के ज्ञान को लेकर भी ट्रेनिंग करनी होगी। नई शिक्षा नीति में स्किल डेवलपमेंट करेंगे।
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