भर्ती के लिए घूस मांगने का वीडियो वायरल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय : वीडियो में दो करोड़ रुपये देकर टेंडर लेने का किया जा रहा दावा
प्रयागराज इलाहाबाद विश्वविद्यालय (शिव) में इन दिनों आउटसोिंग के माध्यम से विभिन्न पदों के लिए चल री भरती प्रक्रिय से संबंधित बोढियों के बावरल होने से हड़कंप मचा है। इसमें भर्ती के टेंडर के करो के लेनदेन की बात कही गई है और दावा किया गया है कि यह रकम शर्ष अफसरों तक पहुंचाई गई होगो। जिस एजेंसी को भरती को जिम्मेदार दी गई है, उसके प्रतिनिधि ऑडियो में यह कहते भी सुने गए कि मालो और स्वीपर जैसे पदों पर भर्ती के लिए 40-40 हजाए रुपये लगझे है।
बोडियो मैं दावा किया गया कि विधि प्रशासन ने विभिन्न प्रकार के 200 से अधिक परदों पर भी के 'जलिए मेसर्स सन फैसिलटी प्रववेट लिमिटेड, लखनऊ को टेंडर दिया है और घह एजेंसी कंसल्टेंसी फर्म लकदीप इनफो प्लेसमेट रपट एजुकेशन पुप के माध्यम से भती करा रही है। इस फर्म का ऑफिस सिविल लाइंस में पत्रिका चौराहे के 'ास है। भत्ती प्रकरिमा इविधि के गेस्ट रही है। भरते के लिए अभ्यर्षियों को भीड़ जुटी इतनी अधिक थो कि भर्तो बच में हो रोक दो गई और इंटरव्यू स्थगित कर दिया गया। इस बोच विस्वॉधालप के लौन छात्र नेता ले गैस्ट हाउस पहुंचे। वहां उन्हे गड़बड़ी की आसंका लगी तो अपनी 'फचान छिपाते हुए अभ्यर्धों चतकर फर्म के ऑफिस पहुंचे और कहां मौजूद फर्म के प्रतिनिधियों से
बातचीत का ऑडियो-बीडियो बनाकर उसे बापरल कर दिया। ऑडियो और वॉडियो में फर्म के प्रतिनिधियों को साफ कहते हुए सुना जा रह है कि भर्तों के लिए 40 हजार हुपये देने होंगे। आवेदन अनियार्ष है और एडवांस में 25 हजार रुपये जमा करले होगे। इसके बाद हो तिस्ट लखनऊ भेजी जाएगी। नौकरी मिलने प्रतिमाह एक हजार रुपये देने होंगे क्योंकि दो करोड़ रुपये देकर टेंडर लिया गया हैं। अम्यर्षियों ने दो 40 आश्चर्ष जताषा तो फर्म के प्रतिमिषियों ने दावा किया कि यह सकम इविवि के शौर्ष अफसरों तक पहुंचई गई होगे। आखिर एजेंसी उसको भरपाई कहां से करेगी। यहां तक कि फर्म के प्रतिनिधि नगर निभम में सफाई कर्मी भर्ती में भी घूस लेकर नियुक्त कराने का दावा करते हुए सुने जा रहे हैं।
एजेंसी ने एफआईआर कराने को लिए दी तहरीर : वीडियो वापरल होने के मामले में एजेंसी के निदेशक रविकांत तिवाए ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए कर्मलगंस घाने में तहरीर दी है। रकिकांत का कहना है कि गह एजेंसो और विश्वविद्यालय को बदनाम करने को सानिश है। वोडियो और न हो घुस मांगने घाले उनको एजेंसी के कर्मचाए हैं। एजेंसी सीधे भतती करा रहो है और जॉजटाठन में मालबोष रोढ पर एजेंसो का कार्पालय है, जहां एक कर्मचारी नियमित रूप से बैठता है। जिन छात्र नेताओं ने वोडियो यापरल किया है, उनके खिलाफ एजेंसी विधिक कारबाई कर रही है।

