लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते कहर को देखते हुए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व मुख्य चुनाव आयुक्त से प्रदेश में चल रहे पंचायत चुनाव को स्थगित करने की मांग की। परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने कहा कि प्रदेश की जनता भयभीत है।
ऐसी परिस्थितियों में पंचायत चुनाव कराने का निर्णय अलोकप्रिय है व जनता तथा कर्मचारियों व उनके परिवार के जान से खिलवाड़ करना जैसा है।
उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल को जिन जिलों में पंचायत चुनाव हुए उनमें से ज्यादातर जिलों के पदाधिकारियों ने अवगत कराया है कि पोलिंग बूथों पर न कोई थर्मल स्कैनर की व्यवस्था थी न ही कोई मास्क चेक करने वाला था। पर्याप्त मात्रा में सैनिटाइजर भी नहीं था।
इसके बाद भी निर्देश थे की जो व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव होगा वह आखिरी एक घंटे में आकर मतदान कर सकता है। इन परिस्थितियों में जो चुनाव करवाया जा रहा है उससे निश्चित रूप से यह प्रतीत होता है। की सरकार व चुनाव आयोग के प्राथमिकता में जनता व कर्मचारी नहीं हैं।

