प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती में बीएड को सशर्त मान्य करने से प्रतियोगियों में डीएलएड करने का रुझान कम हुआ है। दरअसल, बीएड करने से अभ्यर्थी अन्य शिक्षक भर्तियों में भी शामिल हो सकते हैं, जबकि डीएलएड से सिर्फ प्राथमिक स्कूलों की भर्ती में प्रतिभाग कर सकेंगे। इसीलिए निजी कालेजों में सीटें खाली रही हैं

