प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में शैक्षिक प्रमाणपत्र के सहारे प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में नौकरी कर रहे छह शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है. शिकंजा कसने के साथ बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद इन्होंने वेतन व भत्ते के रूप में जितना सरकारी भी धन मिला है विभाग इसके आकलन में जुटा है ।
प्राथमिक एंव माध्यमिक विद्यालयों में पूर्व के वर्षा में मेरिट के आधार पर नियुक्ति मिल जाती थी, विश्वविद्यालय और बोर्ड से प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराए जाने के बाद नौकरी मिल जाती थी. शासन ने मानव संपदा पोर्टल को लागू किया गया तो प्रदेश भर में बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक मिले। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में फर्जी प्रमाणपत्रों और गैर जनपदों से फर्जी ट्रांसफर पर नौकरी कर रहे 6 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया था। इन शिक्षकों की मुश्किलें अब और बढने लगी है. शासन ने इन पर शिकंजा कसने के साथ ही बीएसए ने सभी 6 शिक्षकों को दिए गए वेतन के आकलन के भी निर्देश दिए है. इनके वेतन की रिकवरी की तैयारी भी विभाग अपने स्तर से कर रहा है।

