बहराइच। पयागपुर स्थित केबी इंटर कॉलेज में रिक्त लिपिक के पद पर हुई भर्ती में विवाद का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि एक ही पद रिक्त होने पर दो लोगों की तैनाती की गई और तीन साल तक दोनों को लिपिक पद का वेतन भी भुगतान किया गया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की शिकायत संयुक्त शिक्षा निदेशक अयोध्या से की। मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस बहराइच को पत्र भेजकर जवाब मांगा है।
केबी इंटर कॉलेज पयागपुर में सहायक लिपिक के चार पद सृजित हैं। शिकायतकर्ता बृजेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय में 31 मई, 2010 को सहायक लिपिक बजरंग बहादुर शर्मा के सेवानिवृत्त होने के बाद एक पद रिक्त हो गया जिस पर अनुचर विजयशंकर सिंह ने प्रबंधक व प्रधानाचार्य से पदोन्नति को लेकर मांग की। चार अगस्त, 2011 को न्यायालय ने डीआईओएस को सुनवाई कर रिक्त पद पर निर्णय लेने का आदेश दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार इसी बीच संस्था ने सुरेश कुमार सिंह की लिपिक पद पर सीधी भर्ती कर ली।
डीआईओएस ने 21 सितंबर, 2011 को लिपिक पद पर विजयशंकर को पदोन्नति दे दी। शिकायतकर्ता का दावा है कि तत्कालीन डीआईओएस राम सिंह ने तीन जून, 2016 को सुरेश सिंह की सीधी भर्ती को नियमानुसार सही मानते हुए वेतन भुगतान का आदेश निर्गत कर दिया। इस तरह संस्था व विभागीय मिलीभगत से एक पद पर जून 2016 से दिसंबर 2019 तक दो लिपिकों का वेतन जारी होता रहा। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण को संयुक्त शिक्षा निदेशक को अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। केबी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्रीप्रकाश त्रिपाठी से उनका पक्ष जानने के लिए फोन मिलाया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
पयागपुर के केबी इंटर कॉलेज में लिपिक पद पर दो लोगों के नियुक्ति होने का मामला सामने आया है। मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। कमेटी जांच करने के बाद रिपोर्ट देगी। विद्यालय के प्रबंधक से भी जवाब मांगा गया है। कमेटी की जांच व विद्यालय का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. चंद्रपाल, डीआईओएस, बहराइच

