गौर। कोरोना संक्रमण के चलते लंबे समय बाद एक सितंबर से परिषदीय विद्यालयों में शासन के निर्देश पर पठन-पाठन कार्य के साथ नामांकन सुनिश्चित कराया जा रहा है। विद्यालयों में सरकार की ओर से बच्चों को एनसीईआरटी की पुस्तकें निशुल्क वितरित कराए जाने का आदेश जारी किया गया है। लेकिन 11 परिषदीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम से संचालित हो रहे हैं। अभी तक इन विद्यालयों के बच्चों को पाठ्य पुस्तक ही नसीब नहीं हुई तो पढ़ाई कैसे पूरी करेंगे।
गौर ब्लॉक में कुल 204 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें 152 प्राथमिक व 52 जूनियर विद्यालय शामिल हैं। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए निशुल्क पाठ्य पुस्तक का वितरण सरकार की ओर से होना है। लेकिन अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में अभी तक पुस्तकें नहीं पहुंचीं। ऐसे में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों के सामने संकट खड़ा हो रहा है। अंग्रेजी माध्यम आदर्श प्राथमिक विद्यालय मुसहा प्रथम के प्रधानाध्यापक राम सजन यादव ने बताया कि विद्यालय अंग्रेजी माध्यम से चल रहा है। लेकिन अभी तक बच्चों को किताबें नहीं मिलीं । ऐसे में पढ़ाई सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में सर्वाधिक विद्यार्थियों की संख्या मुसहा विद्यालय पर है। वर्तमान समय में बच्चों की संख्या 687 है। बच्चों की संख्या के मुताबिक शिक्षकों की कमी है। बावजूद उसके विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। बीईओ कपिल देव द्विवेदी ने बताया कि अभी अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में पुस्तकें वितरण नहीं हो पाईं हैं। जिले पर कुछ पुस्तकें आ गई हैं। जिन्हें एक-दो दिन में वितरण करा दिया जाएगा। बाकी अन्य विद्यालयों में वितरण सुनिश्चित करा दिया गया है।

