समउर बाजार क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई शुरू होने के तीन माह बाद भी पुस्तकें नहीं पहुंचाई जा सकी हैं। इसके चलते बच्चे बिना किताब के पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के लिए चिंता सताने लगी है। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों में सरकार की तरफ से हर वर्ष कक्षा एक से आठवीं तक निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। अभी तक क्षेत्र के किसी भी परिषदीय विद्यालय में पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। अभिभावक राम शकल का कहना है कि बिना पुस्तक के बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही है। इस संबंध में तमकुही के बीईओ अंकिता सिंह ने कहा कि निःशुल्क पाठ्य पुस्तक विद्यालयों को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिले की है। इस संदर्भ में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। संवाद
