भरुआसुमेरपुर । कस्बे के 10 परिषदीय विद्यालयों विद्यालयों को कायाकल्प योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे इनमें ज्यादातर विद्यालयों के जर्जर भवन, मैदान, चाहर दीवारी, गेट, शौचालय आदि ज्यों के त्यों पड़े हैं। कई विद्यालयों की दीवारें व छतें दरक गई हैं। प्लास्टर जगह जगह से उखड़ रहा है। इनमें उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट की स्थित सर्वाधिक जर्जर है। ऐसे में हर वक्त खतरा बना रहता है। शिक्षकों का कहना है कि जान जोखिम में डालकर वह लोग छात्र-छात्राओं के साथ जर्जर भवनों में पठन पाठन कर रहे हैं।
कस्बे में उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थापना अंग्रेजी हुकूमत के दौरान 1850 में हुई थी। आजादी के बाद अंग्रेजों के जमाने के विद्यालय के भवन को हटाकर 1994 में नए सिरे से शिक्षा विभाग ने भवन बनवाया था, जिसकी हालत बहुत ही जर्जर है।
