वाराणसी। महाविद्यालय के शिक्षकों को जल्द ही प्रोफेसर पदनाम के साथ ही सातवें वेतनमान के अनुसार पीएचडी के पांच इंक्रीमेंट मिल सकते हैं। अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय प्रभारी को डिप्टी सीएम ने मुलाकात के दौरान यह आश्वासन दिया।
यह जानकारी संयुक्त महामंत्री डॉ. उदयन मिश्र ने दी। डॉ. मिश्र ने बताया कि राष्ट्रीय प्रभारी ने डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा से शुक्रवार को मुलाकात कर शिक्षकों की मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें महाविद्यालय के प्राध्यापकों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के 2018 विनियमन के अनुसार प्रोफेसर पदनाम संबंधित निर्देश जारी करने के साथ ही प्रदेश में पीएचडी धारी नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को न्यूनतम पांच वेतन वृद्धि देने की मांग शामिल है।
संस्कृत महाविद्यालय के प्राध्यापकों के वेतन विसंगति को दूर किया जाए। पूर्णतः स्ववित्त पोषित। महाविद्यालय के अध्यापकों के लिए सेवा नियमावली बनाई जाए और वेतन असमानता को दूर किया। जाए। साथ ही साथ प्रत्येक संकाय का न्यूनतम शिक्षण शुल्क का निर्धारण शासन द्वारा किया जाए।

