सिद्धार्थनगर: फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने वालों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। मामले की जांच में जुटी एसटीएफ ने दो और फर्जी शिक्षकों को चिह्नित करते हुए बीएसए को पत्र भेजकर जांच करा रिपोर्ट मांगी है।
बताया जा रहा है फर्जीवाड़े में पकड़ में आई शिक्षिका का पति भी शिक्षक है और वह शिक्षण कार्य कम विभाग के दफ्तर में बाबू की जिम्मेदारी लंबे समय से संभाल रहा है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
वर्ष 2017-18 में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ तो बड़ी संख्या में ऐसे लोग पकड़े गए। उसके बाद शासन ने मामले की जांच एसटीएफ को दे दी। एसटीएफ गोरखपुर यूनिट की ओर से कार्रवाई जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दो और फर्जीवाड़ा वाले मामलों को एसटीएफ ने पकड़ा है। उसके बाद दोनों के सत्यापन के लिए बीएसए को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी है। इसमें एक महिला शिक्षक है, जो दूसरे के अंकपत्र पर नौकरी करते हुए पाई गई है। बताया यह भी जा रहा है कि पकड़ में आई शिक्षिका का पति भी शिक्षक है। वह विभागीय कार्य में माहिर है यहां तक बताया जा रहा है कि कई बीएसए उसी पर निर्भर रहते थे और कागजी कार्य से उसी से कराते थे।
विभाग में उसको अच्छी दखल है। विभाग से जुड़े जानकारों का यह भी कहना है कि लंबे समय से वह जिले में कार्यरत है। फिलहाल विभागीय जांच भी जारी है। जल्द ही नाम उजागर होने के साथ ही धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। इस संबंध में बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि एसटीएफ की ओर से पत्र मिला था। जांच में शिक्षिका फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी करती हुई। मिली है। रिपोर्ट तैयार करके एसटीएफ को भेज दी गई है।
