सिर्फ रजिस्टर में दर्ज है बच्चों के नाम, नगर से देहात तक कई आंगनबाड़ी केंद खस्ताहाल
कसया ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत खस्ता है। अधिकांश केंद्री पर ताले लटक रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते केंद्र कागजों में ही संचालित किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चे तो नामांकित है, लेकिन उनकी उपस्थिति न के बराबर है। नगर से देहात तक के आंगनबाड़ी केंद्रों के हालात एक जैसे हैं न कोई हकीकत देखने वाला है और न ही इन पर कोई कार्रवाई करने वाला।
सोमवार दिन के 11 बजे भैसहा पकड़िहवा प्राथमिक विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला लटकता मिला। इस गांच के निवासी मोहन सिंह ने बताया कि ने विद्यालय में संचालित केंद्र लंबे समय से नहीं खुल रहा है। केंद्र पर कोई बच्चा भी नहीं आता है। इस बात की पुष्टि प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका ने भी की, लेकिन इस बारे में आगे कुछ भी जानकारी देने से चुप्पी साध ली। हालांकि यह बताया कि केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के तौर पर प्रेमलता सिंह तैनात हैं।
उधर, भैसहा पकड़िहया के ही विंदेश्वरी सिंह ने कहा कि केंद्र पर हमेशा ताला ही लटकता रहता है। कई महीनों से नहीं खुला है। कार्यकर्ता बच्चों को घर पर ही बुलाकर निर्धारित मात्रा से कम पोषाहार देकर वापस कर देती है।
दिन के 11.30 बजे आंगनबाड़ी केंद्र बुद्धनगरी, कुशीनगर खुला मिला। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उर्मिला गोड केंद्र पर बैठकर पंजीकृत बच्चों के नाम पंजिका में दर्ज कर रही थीं केंद्र पर पंजीकृत 17 बच्चों में से एक भी उपस्थित नहीं थे। उनका कहना था सुबह पंजीकृत 17 में से सिर्फ पांच बच्चे ही आए थे। वे भी घर चले गए हैं। बताया कि केंद्र पर तैनात सहायिका राधिका देवी नहीं आई है। मौजूद रहती हैं तो वह पंजीकृत बच्चों को घरों से बुलाकर केंद्र पर लाती है। कहा कि केंद्र पर पंजीकृत बच्चों को पोपहार में दाल, गेहूं का दलिया व रिफाइंड तेज दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पांच गर्भवती व छह धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं। उन्हें भी निर्धारित मात्रा में पोषाहार के रूप में दाल दलिया रिफाईड किया जाता है।
दोपहर 12 बजे नगर के वार्ड नंबर 24 सुभाषनगर स्थित बीआरसी परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का ताला खुला था लेकिन केंद्र के कक्ष में परिषदीय विद्यालयों की पाठ्य पुस्तकें रखों गई थी।
कल में महीनों से रखी गई पाठ्य पुस्तकों को ब्लॉक में विभिन्न विद्यालयों पर तैनात अनुचर कक्ष में बैठकर सूची के मुताबिक किताबें भिजवाने व बंडल बनवाने का काम करते मिले। पाठ्य पुस्तकों के वितरण में अनुचर के तौर पर कनखोरिया में तैनात गिरीश तिवारी खोरावर में तैनात अशोक तिवारी,
भलुही मदारीपट्टी में सुदर्शन व सेमराधूसी में तैनात जयप्रकाश यादव आगनबाड़ी केंद्र के कक्ष में बैठकर काम कर रहे थे। एक अनुचर से नाम पूछे जाने पर न बताने के साथ ही कहा कि यह कार्य बीईओ के निर्देश पर किया जा रहा है।
12.30 बजे भलुही मदारौपट्टी प्राथमिक विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला लटकता मिला केंद्र पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रीति श्रीवास्तव व सहायिका सुधा त्रिपाठी तैनात हैं। कार्यकर्ता से संपर्क की कोशिश की गई तो फोन रिसीब नहीं हुआ। केंद्र के आसपास मौजूद लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केंद्र कम खुलता है। केंद्र पर नामांकित बच्चों को घर बुलाकर ही उन्हें पोषाहार दिया जाता है वह भी
निर्धारित मात्रा में कटौती कर इस संबंध में डीपीओ शैलेंद्र राय ने बताया कि कार्य दिवस में आंगनबाड़ी केंद्र बंद होना गंभीर बात है। इसकी जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
