अभिलेख की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराने का निर्देश
जौनपुर। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने परिषदीय स्कूलों के 20 संदिग्ध शिक्षकों को चिह्नित किया है। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इन शिक्षकों के सभी शैक्षिक और प्रशिक्षण संबंधित अभिलेख मांगा है।
जनपद के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में अरसे से फर्जीवाड़ा का खेल चल रहा है। फर्जी शैक्षणिक और प्रशिक्षण का अभिलेख लगाकर शिक्षक बनने वालों की लंबी सूची है। इसी क्रम में एसटीएफ ने 20 संदिग्ध शिक्षकों को चिह्नित करके अभिलेख मांगा है। इसमें शाहगंज ब्लाक के दो शिक्षक, जलालपुर के एक, रामनगर ब्लॉक के सात शिक्षक हैं।
इसी तरह, डोभी की एक सुईंथाकला के एक, सुजानगंज ब्लाक के तीन और मड़ियाहूं विकास खंड के पांच शिक्षक शामिल हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डाक्टर गोरखनाथ पटेल ने 2 दिसंबर को संबंधित ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र
भेजा है। साथ ही अविलंब अभिलेखों की प्रमाणित छायाप्रति कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा है। निर्देश दिया है कि यदि कोई शिक्षक अभिलेख देने में हीलाहवाली करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर मुझे प्रेषित करें, अन्यथा वह खुद जिम्मेदार होंगे। उनका पत्र आते ही पिछले दरवाजे से नौकरी पाने वालों में खलबली मच गई है।
वहीं, बीएसए ने बताया कि संबंधित बीईओ से सूचनाएं मांगी गई हैं। सूचनाएं प्राप्त होते ही एसटीएफ को उपलब्ध करा दी जाएंगी।
