Up board: यूपी बोर्ड परीक्षा में मर चुके शिक्षक भी करेंगे ड्यूटी? शिक्षा विभाग के इस कारनामे में हुआ संभव
Sambhal: माध्यमिक शिक्षा विभाग madhamik shiksha vibhag बोर्ड Board के द्वारा इस बार आनलाइन online डाटा के आधार पर लगाई गई कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी Duty स्थानीय अधिकारियों को बड़ी परेशानी का सबब बन रही है।जिन शिक्षक की मृत्यु या सेवानिवृत्ति हो चुकी हैं, उनके डाटा अपडेट update नहीं होने के चलते कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी Duty लगा दी गई है, जिससे विभागीय लापरवाहीं उजागर हो रही है। दरअसल मामला यह है कि इस बार उत्तर प्रदेश बोर्ड UP Board परीक्षा exam संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग madhamik vidyalya vibhag के द्वारा डिजिटल माध्यम से ड्यूटी Duty लगाई गई है।
जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग Basic shiksha vibhag और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों teachers को कक्ष निरीक्षक बनाया गया है। इन शिक्षकों का विवरण विभाग की वेबसाइट पर पहले से ही अपडेट update है, लेकिन जिन शिक्षक की मृत्यु हो गई है या फिर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उसमें कोई अपडेट update नहीं हुआ है जिसके चलते जिले के ऐसे तीन शिक्षकों की ड्यूटी Duty भी लगा दी गई है। जिनमें एक की मृत्यु दूसरे की सेवानिवृत्ति और तीसरे ने इस्तीफा दे दिया है। जानकारी information के अनुसार गांव बंजरपुरी के प्राथमिक विद्यालय में तैनात रहे गोपाल शर्मा की ड्यूटी बोर्ड Board परीक्षा में लगाई गई है जो कि एक साल Years पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैैं शिक्षा विभाग की इस पर बड़ी लापरवाही सामने आई है।
इसके आलावा भवानीपुर गांव की प्राइमरी स्कूल primary school में तैनात रही शिक्षिका आईना गुप्ता ने नौकरी से त्याग पत्र दे दिया है। इनकी भी ड्यूटी Duty बोर्ड परीक्षा में लगाई गई है। गांव एंजरा के जूनियर हाई स्कूल में तैनात रहे शिक्षक विशाल अग्रवाल की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगाई गई है जबकि उनकी मृत्यु फरवरी में हो चुकी है। अब बड़ा सवाल Questions यह खड़ा हो रहा है कि शिक्षा विभाग की ओर से आनलाइन डाटा को उठाकर लगाई दे ड्यूटी के लिए कौन जिम्मेदार है। क्या बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा मृतक और सेवानिवृत्त शिक्षकों के डाटा को अपडेट नहीं किया गया या फिर इसकी सूचनाएं विभाग के उच्चाधिकारियों ने जिला स्तर से प्राप्त नहीं थी। फिलहाल स्थानीय अधिकारी अन्य शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात करेंगे।

