परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक सुधार के लिए सीडीओ ने बनाई योजना
मैनपुरी। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की स्थिति सुधारने के लिए नई पहल की गई है। जिला स्तरीय अधिकारी एक- एक स्कूल को गोद लेंगे। यहां अधिकारी स्वयं सप्ताह में एक दिन पहुंचकर शिक्षण कार्य करेंगे। अन्य शिक्षकों के कार्य को भी परखेंगे। इससे परिषदीय विद्यालयों का हाल बदला नजर आएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले में 1909 विद्यालय संचालित हैं। इनमें पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 1.62 लाख है। सरकार बच्चों की ड्रेस किताबें, स्कूल बैग, जूते-मोजे समेत दिन में एक बार का खाने का खर्च भी वहन किया जाता है।
इसके बाद भी परिणाम निराशाजनक आते हैं। इसमें बदलाव लाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विनोद कुमार ने पहल की है। उनेक अनुसार सभी जिला स्तरीय अधिकारी एक-एक स्कूल को गोद लेंगे लक्ष्य होगा कि स्कूल में शिक्षा का स्तर बेहतर किया जा सके। अधिकारी शिक्षण कार्य के दौरान बच्चों के शैक्षिक स्तर को परखेंगे।
अगर कहीं बदलाव की जरूरत है तो वह भी किया जाएगा। शुरुआत विकास भवन अधिकारियों से की जाएगी। इनमें सीडीओ, परियोजना निर्देशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण और उपायुक्त श्रम एवं रोजगार जैसे शामिल होंगे। सीडीओ ने जो खाका तैयार किया है उसमें एक बार में 30 स्कूलों को शामिल किया गया है।
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के लिए अधिकारी स्कूलों को गोद लेंगे और सप्ताह में एक बार शिक्षण कार्य के लिए जाएंगे तो स्कूल के बच्चों का शैक्षिक स्तर सुधरेगा जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा।
बेहतर स्कूलों का पहले होगा चयन
सीडीओ ने पहले ऐसे स्कूलों का चयन करने के लिए कहा है जिनमें शैक्षिक स्तर के साथ ही अन्य सुविधाएं भी औसत हैं। इन स्कूलों धिकारियों के प्रयास से और बेहतर बनाय जाएगा, जिससे दूसरे स्कूलों को प्रेरणा मिलेगा क्रमिक रूप से अन्य स्कूलों को गोद लिया जाएगा।
बदलनी होगी लोगों की सोच
सीडीओ का कहना है कि हमें लोगों की सोच में बदलाव लाना होगा। लोगों का मानना है कि सरकारी विद्यालयों के बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल सकती है। केवल कॉन्वेंट स्कूल में ही बेहतर शिक्षा की बात क्यों लोगों के मन में आती है। जय सरकार सारी सुविधाएं निशुल्क दे रही है तो हमें शिक्षण में भी सरकारी विद्यालयों को नंबर वन बनाना है।
-विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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