मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि गुणवत्ता विहीन और अधोमानक संस्थानों को मान्यता मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नर्सिंग व पैरामेडिकल संस्थानों की गुणवत्ता का प्रमाणन जरूरी है। अच्छे संस्थानों की पहचान करें और मेंटॉर-मेंटी मॉडल लागू करें। उन्होंने कहा कि नर्सिंग, पैरामेडिकल सेवा चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़ हैं और कॅरियर में असीम संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को नर्सिंग व पैरामेडिकल संस्थानों की गुणवत्ता सुधार के संबंध में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि हर नर्सिंग व पैरामेडिकल संस्थान में कॅरियर काउंसलिंग हो। हर संस्थान में मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। सीएम ने निर्देश दिए कि पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के सुचारु संचालन व नियमन के लिए स्टेट मेडिकल फैकल्टी के तहत डेंटल काउंसिल, मेडिकल काउंसिल और नर्सिंग एंड मिडवाइफरी काउंसिल की भांति पैरामेडिकल काउंसिल का गठन किया जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश
● नर्सिंग-पैरामेडिकल संस्थानों में सत्र नियमित हो
● समय पर दाखिला, परीक्षा और तय समय सीमा में प्रमाण पत्र जारी हों
● शैक्षिक गुणवत्ता-शैक्षिक सुविधाओं के स्तर का प्रमाणन हो
● ़क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया सहित विभिन्न प्रतिष्ठित गुणवत्ता संस्थानों से निरीक्षण कराएं
● अच्छे संस्थानों की बेस्ट प्रैक्टिस-दूसरे संस्थानों में लागू करें
● संस्थान प्लेसमेंट पर विशेष ध्यान दें, रोजगार मुहैया कराएं
● प्रशिक्षणार्थियों के लिए कॅरियर काउंसलिंग कराई जाए।
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