यही कार्य किसी शिक्षक ने किया होता तो यही लोग स्पष्टीकरण हेतु कारण बताओ नोटिस जारी कर रहे होते, क्या सारे मापदंड कर्मचारियों के लिए होते हैं अधिकारी वर्ग निरंकुश छोड़ा जाएगा।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति शिक्षा की गुणवत्ता और साफ सफाई के अभियान में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी की शैली ने शिक्षकों में फिर हड़कंप मचा दिया है।
साप्ताहिक अभियान के दूसरे दिन बीएसए स्कूटी पर सवार हो टी-शर्ट और लोअर पहनकर बहादुरपुर विकास खंड के स्कूलों में निरीक्षण के लिए पहुंच गए उनकी वेशभूषा और दोपहिया वाहन के कारण ज्यादातर विद्यालयों में शिक्षक फौरन पहचान नहीं सके।
बीएसए ने कक्षाओं में बच्चों से भी सवाल-जवाब किया शिक्षकों को गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रेरित किया और चेतावनी भी दी बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी शुरुआती दौर से ही अपनी छापामार शैली के लिए शिक्षकों में चर्चा का विषय बने रहे है।
शुरुआती दौर में ही उन्होंने स्कूटी पर सवार होकर सामान्य वेशभूषा धारण कर विद्यालयों में पहुंचना शुरू किया तो कई स्कूलों में असहज स्थिति भी बनी पहचान न होने से कई विद्यालयों में शिक्षकों को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा बताते हैं कि हंडिया के एक स्कूल में बीएसए की स्कूटी ने खूब सुर्खियां बटोरी।
उधर जुलाई में दो चरणों में हुई जिला स्तरीय, खंड स्तरीय टास्क फोर्स के निरीक्षण में गैरहाजिर मिले 64 शिक्षकों/शिक्षा मित्रों का वेतन/मानदेय काटने का निर्देश बीएसए ने 18 जुलाई को जारी किया है।

