बलिया। बेसिक स्कूलों की दशा सुधारने का एक और प्रयोग नाकाम हो गया। विभागीय अधिकारियों से ना उम्मीद सरकार के निर्देश पर जिले के पांच सौ परिषदीय स्कूलों को 250 अधिकारियों ने दो-दो स्कूलों को गोद लिया था करीब 125 अधिकारी हो गोद लिए स्कूलों का रिपोर्ट कार्ड विभाग को मुहैया कराए है। शेष 125 अधिकारी गोद लिए स्कूलों में झांकने तक नहीं पहुंचे।
बता दें कि जिले के चयनित 500 स्कूलों में 19 पैरामीटर के तहत कार्य कराए जाने हैं। जिन स्कूलों में नौ पैरामीटर तक कायाकल्प हुआ है, उसको 19 तक पूरा करना है। बेसिक शिक्षा विभाग, जिस पर गरीब बच्चों को शिक्षित बनाने की जिम्मेदारी है, उसे भ्रष्टाचार से सर्वाधिक प्रभावित महकमे के तौर पर जाना जाता है। अफसरों और शिक्षकों की निष्क्रियता भी इस विभाग की बड़ी समस्या है। शिक्षकों की स्कूलों से अनुपस्थिति, शिक्षण कार्य में अरुचि, फर्जी नामांकन, सरकारी योजनाओं में कमीशनखोरी इन समस्याओं में सबसे प्रमुख हैं। अधिकारियों पर शिक्षकों से वसूली, अकारण उत्पीड़नात्मक कार्रवाई और शिक्षकों की नियुक्ति से लेकर उनके सामान्य विभागीय कामों को लटकाए रखने के आरोप आम हैं।
माना जाता है कि इन्हीं कारणों से स्कूलों में बच्चों का शैक्षिक स्तर काफी दयनीय है।

