तंगी से परेशान शिक्षामित्र ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
सुसाइड नोट में सरकार की गलत नीतियों को बताया जिम्मेदार
चांदपुर (बिजनौर)। गांव मिर्जापुर बेला निवासी शिक्षामित्र कौशल सिंह (45) ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि शिक्षामित्र की जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने सरकार की नीतियों से नाराजगी जताते हुए जान देने की बात लिखी है। पुलिस सुसाइड नोट मिलने से इनकार कर रही है।
सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कौशल सिंह 15 साल से मिर्जापुर बेला के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र थे। शुक्रवार की सुबह स्कूल के लिए निकले थे। बाद में शव हरपुर रेलवे लाइन पर पड़ा मिला। बड़े भाई थम्मन सिंह ने बताया कि कौशल के पास से एक पेपर मिला है, जिसमें उसने लिखा है। कि मोदी-योगी की दोहरी नीति के कारण 10 हजार रुपये के मानदेय से गुजर बसर नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि कौशल इससे परेशान था और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सुसाइड नोट में भी यही बातें लिखी हुई हैं। एसपी देहात रामअर्ज का कहना है कि पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। कौशल के तीन छोटे बच्चों में बड़ा लड़का दस वर्ष, बेटी आठ वर्ष और छोटा बेटा पांच वर्ष का है। कौशल को मानदेय के रूप में दस हजार रुपये महीना मिलते थे, जिसमें परिवार का खर्च नहीं चलता था ।

