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Wednesday, November 16, 2022

Primary ka master: हर माह लाखों रुपये खर्च फिर भी बच्चों में नहीं हुई बढ़ोतरी

 प्रतापगढ़। राजकीय विद्यालयों में हर माह लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन स्कूलों में बच्चों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा है। यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा में जिले में तीन राजकीय विद्यालय ऐसे जहां पंजीयन दहाई भी नहीं है। यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए छात्रों के पंजीकरण में यह बात उजागर हुई है।



जिले में 41 राजकीय विद्यालय हैं। राजकीय विद्यालयों में पठन- पाठन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के विभाग द्वारा योजनाओं का संचालन हो रहा है। पठन पाठन की व्यवस्था में हर साल विद्यालयों में लाखों रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद भी विद्यालयों में बच्चों की संख्या नहीं बढ़ रही है। जिले के तीन विद्यालय ऐसे है जहां बच्चों की संख्या दहाई भी नहीं है। राजकीय विद्यालय लरू कुंडा में हाईस्कूल में दो छात्रों का पंजीयन है। विद्यालय में एक से 10 तक की कक्षाओं का संचालन होता है। विद्यालय में दस पद सृजित हैं, लेकिन चार शिक्षिकाओं की तैनाती है। मगर विज्ञान और गणित के शिक्षक नहीं है। आसपास पांच इंटर कॉलेज

भी हैँ. 

इसी तरह राजकीय विद्यलाय ओरीपुर नौगीर में हाईस्कूल में चार बच्चें पंजीकृत हैं। इसी तरह राजकीय विद्यलाय इमलीडाड में हाईस्कूल में सात छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। विद्यालय में हिंदी और संस्कृत के शिक्षक है। अन्य प्रमुख विषयों के शिक्षक नहीं है।



राजकीय विद्यालयों को सुचारू रूप से संचालित करने का निर्देश दिया गया है। जिन विद्यालयों में बच्चों की संख्या कम है, उन विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। -डॉ. सर्वदा नंद, डीआईओएस


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