बेसिक शिक्षा में स्थापित किये नये आयाम, प्रदेश के 1.39 लाख परिषदीय विद्यालयों में बढ़ी मूलभूत सुविधाएं
योगी सरकार ने प्राइमरी शिक्षा में आमूलचूल बदलाव किया है। पिछले छह वर्षों में सरकार के प्रयासों से प्राइमरी स्कूलों को न सिर्फ दशा और दिशा सुधरी है कि स्कूलों में संसाधनों के साथ सुविधाएं भी बढ़ी हैं। पढ़ाई बेहतर हुई तो प्राइमरी स्कूलों में बच्चों का नामांकन साल दर साल बढ़ते हुए 1.92 करोड़ तक पहुंच है प्राइमरी स्कूलों से ही बच्चों को तकनीकी से जोड़ने के लिए डिजिटल शिक्षा पर भी फोकस किया जा रहा है। प्रदेश में अभी 20 हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास और रिमोट लर्निंग सिस्टम के जरिये पढ़ाई हो रही है, जबकि 3879 और स्कूलों में जल्द ही स्मार्ट क्लास सेटअप लगने वाले हैं। प्रदेश सरकार को मेशा है कि गुणयुक्त शिक्षा के साथ ही प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने कले बच्चे भी कविट स्कूलों के बच्चों को टक्कर दे सके।
प्राइवेट स्कूलों को मात दे रहे परिषदीय विद्यालय
प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के जरिये जहां 1.39 लाख परिषदीय विद्यालयों में छात्रों के लिए मूलभूत सुविधाओं को मढ़ाया है, वहीं सैकड़ों स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने का काम भी किया है। निजी स्कूलों की तरह यहां पर बच्चों की बेहतर पढ़ाई के लिए हर तरह की सुविधाएं मौजूद है। स्मार्ट क्लास रूम, खेलने के लिए मैदान, लाइब्रेरी व बेहतर कक्षाओं के साथ हर तरह की सुविधा छात्रों को दी जारही है। सरकार ने प्राथमिक स्कूलों को सुविधाएं दी पढ़ाई अच्छी हुई तो छात्रों को संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। अभिभावक महंगे निजी स्कूल चुनने के बजाए अपने बच्चों का दाखिला परिषदीय विद्यालयों में करा रहे हैं।
आपरेशन कायाकल्प से विद्यालयों की बदली सूरत
प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के जरिये प्राथमिक विद्यालयों और बता के शैक्षणिक माहौल को बदल कर रख दिया है कि गरीबों के बच्चे भी अब अंग्रेजी मीडियम स्कूलों की तरह परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं। औसतन हर जिले में 12 से 15 स्कूलों को निजी स्कूलों की तरह डेवलप किया गया है। कई जिलों में तो 20 से 25 स्कूल निजी स्कूलों की तरह विकसित किए जा चुके हैं।
जून 2018 में प्रदेश सरकार ने भारत के सबसे बड़े अन्तर्विभागीय कनवर्जन्स प्रोग्राम में से एक 'ऑपरेशन कायाकल्प की शुरुआत की थी। इसके अन्तर्गत केंद्र व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न मदों जैसे शिक्षा अभियान, ग्राम पंचायत निधि, जिला खनिज निधि, नगरीय क्षेत्र की विभिन्न निधियों, जल जीवन मिशन, मनरेगा इत्यादि में विशेष रूप से राशि उपलब्ध कराई गयी है। इसमें अभी समय स्थापित कर प्राथमिक व उ प्राथमिक विद्यालयों की मूलभूत अवस्थापनात्मक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।


