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Thursday, July 20, 2023

लखनऊ में मोटी रकम वसूलने वाले स्कूल भी पढ़ाई कराने में फिसड्डी

 लखनऊ। राजधानी लखनऊ में हर साल मोटी रकम वसूलने वाले कॉन्वेंट स्कूल भी दक्ष नहीं हैं। हालात इतने खराब हैं कि ये उत्तम से भी एक पायदान नीचे प्रचेष्टा-1 की श्रेणी में आ गए हैं। वहीं, प्रदेश की आर्थिक राजधानी नोएडा के स्कूलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत सबसे अच्छा है।



दरअसल, केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय (एमएचआरडी) ने सभी निजी और सरकारी स्कूलों की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई-डी) जारी किया है। इसमें नोएडा, मथुरा, वाराणसी, देवरिया, गोरखपुर जैसे जिलों तक को उत्तम श्रेणी मिली है पर लखनऊ में लाखों रुपये सालाना फीस लेने वाले निजी स्कूल भी फिसड्डी साबित हुए हैं। इसमें सबसे पीछे अलीगढ़ के स्कूलों का आंका गया है। यह प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक वर्ष 2020-21 और वर्ष 2021-22 में स्कूलों के संसाधन, सविधाओं, सुरक्षा, लर्निंग स्किल, टीचिंग प्रोग्राम एवं अन्य बिन्दुओं पर तैयार किया गया है।


उत्तम श्रेणी से भी नीचे राजधानी प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक की मानें तो लखनऊ के सभी स्कूलों की श्रेणी में गिरावट आई है। वर्ष 2018-19 और वर्ष 2019-20 के सूचकांक में लखनऊ उत्तम श्रेणी में था। वर्ष 2020-21 और वर्ष 2021-22 में यहां के स्कूल उत्तम से भी एक पायदान नीचे प्रचेष्टा-1 श्रेणी में आ गए हैं। वर्ष 2018-19 में लखनऊ को 363 और वर्ष 2019-20 में 369 अंक मिले थे। वर्ष 2020-21 में 358 और वर्ष 2021-22 के लिए 353 अंक मिले हैं।



इन वर्गों में हुई ग्रेडिंग दक्ष, उत्कर्ष, अति उत्तम, प्रचेष्टा-1, प्रचेष्टा- 2, प्रचेष्टा-2, आकांक्षी-1, आकांक्षी-2 और आकांक्षी- 3 वर्ग


यूपी के सर्वश्रेष्ठ दस जिले

जिला ग्रेड प्राप्तांक


नोएडा उत्तम 386


वाराणसी उत्तम 380


देवरिया उत्तम 376


गोरखपुर उत्तम 371


प्रयागराज उत्तम 366


बरेली प्रचेष्टा-1 355


मेरठ प्रचेष्टा-1 355


लखनऊ प्रचेष्टा-1 353


कानपुर देहात प्रचेष्टा-1 347


आगरा प्रचेष्टा-1 311


ऐसे तैयार हुई स्कूलों के प्रदर्शन की रिपोर्ट

प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक एमएचआरडी ने विविध माध्यमों से प्राप्त किए गए डाटा के आधार पर तैयार किया है। यह तय करते समय स्कूलों के यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध डाटा को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) और जिलों के माध्यम से मिले डाटा के आधार पर ग्रेडिंग की गई। कुल 600 अंकों के आधार पर रैंक तय करने के लिए 83 संकेतकों पर डाटा एकत्रित किया गया।


इसके आधार पर ग्रेडिंग

दक्ष उच्चतम 90 से ऊपर


उत्कर्ष 81 से 90 प्रतिशत


अति-उत्तम 71 से 80 प्रतिशत


उत्तम 61 से 70 प्रतिशत


प्रचेष्टा-1 51 से 60 प्रतिशत


प्रचेष्टा-2 41 से 50 प्रतिशत


प्रचेष्टा-3 31 से 40 प्रतिशत


आकांक्षी-1 21 से 30 प्रतिशत


आकांक्षी-2 11 से 20 प्रतिशत


आकांक्षी-3 न्यूनतम (10 से कम)


400


300


200


100


0


इन वर्गों में मिले अंक


● कैटेगरी आउटकम (एलओक्यू)


● इफेक्टिव क्लासरूम ट्रांसजेक्शन (ईसीटी)


● इंफ्रास्ट्रक्चर फैक्लटिज स्टूडेंट इंटाइटेल्मेंट्स (आईएफ एंड एसई)


● स्कूल सेफ्टी एंड चाइल्ड प्रोटक्शन (एसएस एंड सीपी)


● डिजिटल लर्निंग (डीएल)


● गर्वनेंस प्रॉसेस (जीपी

लखनऊ में मोटी रकम वसूलने वाले स्कूल भी पढ़ाई कराने में फिसड्डी Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Updatemarts

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