पेंशन की गणना के लिए नया कैलकुलेटर
वेबसाइट पर नया कैलकुलेटर दिया गया है। इसकी मदद से योजना से जुड़े सदस्य सेवानिवृत्ति पर अपेक्षित पेंशन और एकमुश्त राशि की
गणना आसानी से कर सकते हैं। साथ ही एनपीएस के रिटर्न और लाभों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वेबसाइट पर जाकर सदस्य यह भी जान सकते हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद के अच्छी पेंशन पाने के लिए अभी से ही कितना निवेश करना होगा। कैलकुलेटर में जन्मतिथि, महीने का कुल निवेश और कितने वर्ष तक निवेश करेंगे, इसका ब्योरा दर्ज करना होगा। इसमें 57 और 75 वर्ष तक निवेश के विकल्प दिए गए हैं।
नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली ट्रस्ट की वेबसाइट को फिर से नए सुधारों के साथ लॉन्च किया है। इस बार इसमें कुछ नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जो राष्ट्रीय पेंशन योजना से जुड़े सदस्यों के लिए उपयोगी होंगी। इस वेबसाइट का शुभारंभ पीएफआरडीए के चेयरमैन डॉ. दीपक मोहंती ने किया।
पीएफआरडीए के अनुसार, पेंशन प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने के लिए वेबसाइट में जरूरी बदलाव किए गए हैं। इसका मकसद राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) से संबंधित जानकारियां सभी सदस्यों तक बिना किसी बाधा के पहुंचाना है।
नई वेबसाइट को डेस्कटॉप और मोबाइल से संचालित किया जा सकेगा। इसमें लोगों की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए कई नई सुविधाएं और सुधार शामिल किए गए हैं। वेबसाइट हिन्दी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है।
एनपीएस का पोर्टल नई सुविधाओें के साथ जारी, पेंशन की गणना के लिए नया कैलकुलेटर एनपीएस के तहत पेंशन
एनपीएस में 75 वर्ष की आयु तक बने रहने की छूट है। 60 साल की आयु में सेवानिवृत्ति के बाद एनपीएस से 60 फीसदी रकम ही एकमुश्त निकाली जा सकती है। यह कर मुक्त होती है। बाकी 40 फीसदी रकम को एन्युटी/पेंशन प्लान में निवेश करना होता है, जिससे पेंशन मिलती है। भारत का कोई भी नागरिक (आवासीय-प्रवासी दोनों) जिसकी आयु 18 से 65 वर्ष के बीच है वह इस एनपीएस में शामिल हो सकता है।
विकल्प सूची को छह श्रेणियों में बांटा गया
नई वेबसाइट पर एनपीएस और अटल पेंशन योजना दोनों के लिए विकल्प सूची को छह श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें सुविधाएं और लाभ, ऑनलाइन सेवाएं, रिटर्न और चार्ट, एनपीएस कैलकुलेटर और शिकायतें तथा समाधान शामिल हैं। ऑनलाइन सेवा विकल्प के अंतर्गत अपने पीआरएएन, जन्मतिथि और ओटीपी को प्रमाणित करके सदस्य अपने एनपीएस खाते का पूरा विवरण पा सकते हैं।

