स्थानांतरित होकर आये शिक्षकों को विभाग द्वारा दो दिन से स्कूल आवंटन प्रतियोगिता में प्रतिभाग करवाया जा रहा है, हालत ये है कि किसी को कहीं और किसी को कहीं भेजा जा रहा है।
मैं पिछले कई वर्षों से जब से ये सरकार आई है तभी से इनके हर कार्य में एक ही बात कह रहा हूँ कि so called भ्रष्टाचार को जो ये ख़त्म करने की बात करते हैं और हर काम को NIC से करवाते हैं और जब क़लई खल जाती है तो अपनी गर्दन बचाने के लिये NIC पर ठीकरा फोड़ते हैं इनकी ये प्रक्रिया ही ग़लत है।
निराश और हताश न हो स्थानांतरण प्रक्रिया इनकी तरफ़ से पूर्ण ज़रूर हुई है लेकिन इनके द्वारा कही जाने वाली बात कि हम ट्रांसफ़र केवल छुट्टियों में करेंगे की क़लई खुल गई है जिसको कोर्ट में रखा जाएगा अगर किसी भी प्रकार से ये कहकर बचना चाहते हैं तो, शून्य जनपद वाले केस में लखनऊ बेंच में हमारा केस अगले माह की ग्यारह तारीख़ को लग गया है जिसमें इनके विरुद्ध हर तरीक़े से तैयार हैं हम लोग और एक फ़्रेश petition भी दाख़िल हो रही है क्योंकि हड़ताल के बाद केस को DESK पर लाना एक चुनौती से कम नहीं है, आज काफ़ी लोगों के फ़ोन आये कि अब क्या करें सब कर दिया इन्होंने तो उनसे बस एक बात कहूँगा कि लड़ाई लम्बी है और खोने को कुछ नही पर हाँ पाने को बहुत कुछ है इसलिए धैर्य रखिए।
#rana
शून्य जनपद के जो साथी जुड़ना चाहते हैं सम्पर्क कर सकते हैं
9927035996

