महिला प्रधान ने स्कूल को दान कर दी पैतृक जमीन
बहराइच, संवाददाता। एक किता जमीन के लिए जब लोग अपनों से विवाद कर लेते हैं। ऐसे समय पर महसी के ग्राम पंचायत औराही की प्रधान ममता देवी ने मिसाल पेश की है। गांव में सरकारी स्कूल निर्माण के लिए जब जमीन नहीं मिली तो आगे आकर ममता ने अपनी पैतृक भूमि दान कर दिया। क्षेत्रीय विधायक ने प्रयास किया तो बीएसए के समय पर औपचारिकता निभाने से तैयार भवन का उद्घाटन भव्य तरीके से किया गया। महसी तहसील क्षेत्र का ग्राम पंचायत औराही का प्राथमिक विद्यालय प्रथम बाढ़ से घिर जाने से जीर्ण-शीर्ण हो गया था। गाँव के बच्चों की जैसे-तैसे
इधर-उधर पाठशाला चल रही थी।
300 से अधिक बच्चों की प्रभावित हो रही पढ़ाई प्रधान ममता को कचोट रही थी। बैठक में पहुंचे महसी विधायक सुरेश्वर सिंह के पटल पर उन्होंने गांव के बच्चों की समस्या व खुद की पीड़ा को रख दिया। कहा कि जमीन नहीं मिल रही है तो वह अपनी पैतृक जमीन दान करने को तैयार हैं, लेकिन विद्यालय बनना चाहिए। विधायक के प्रवास पर बीईओ ने जमीन विभाग के नाम हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की। बीएसए ने भवन निर्माण को लेकर बजट के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा। संयुक्त प्रयासों की देन रही शासने बजट जारी करने के साथ ही निर्माण के लिए संस्था नामित कर दिया। भवन का
निर्माण होने पर प्रधान ने स्कूल की वायरिंग, टाईलीकरण, मल्टीप्ल हैंड वॉश, शौचालय, बाउण्ड्रीवॉल से लेकर कायाकल्प पैरामीटर का निर्माण "भी करा दिया गया। नवनिर्मित स्कूल भवन गांव के बच्चों को समर्पित किया गया। विधायक सुरेश्वर सिंह ने कहा कि ऐसे प्रयासों से ही परिवर्तन लाया जा सकता है। दान देने वाली प्रधान ममता को सम्मानित किया गया। बीएएस एआर तिवारी ने कहा कि जमीन न मिलने से भवन निर्माण नहीं हो पा रहा था। अब भवन बनने से बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।

