आफत में शिक्षक 👉 स्कूल नहीं आ रहे डेढ़ लाख बच्चे, कैसे बनाएं निपुण
बाराबंकी। बेसिक शिक्षा विभाग के सरकारी विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों की उपस्थिति नहीं बढ़ रही है। हैरत वाली बात यह है कि यूनीफॉर्म का पैसा लेने वाले बच्चे भी स्कूल की चौखट तक नहीं पहुंच रहे हैं। करीब डेढ़ लाख बच्चों के नियमित विद्यालय नहीं आने से निपुण भारत अभियान की सफलता पर सवालिया निशान लग गया है। अब विभाग उन बच्चों के बारे में जानकारी हासिल करने में जुटा है जो रजिस्टर पर तो हैं, मगर विद्यालय नहीं आते। जिले में 2626 परिषदीय विद्यालयों में करीब तीन लाख 20 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। लेकिन विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति अफसोसजनक है। तीन महीने पहले प्रदेश स्तर पर हुई समीक्षा में जिले के विद्यालयों में औसत उपस्थिति मात्र 33 फीसदी पाई गई। जिला पूरे प्रदेश में सबसे नीचे पायदान पर रहा। फटकार लगी। अब तक करीब 500 शिक्षकों व खंड विकास अधिकारियों का वेतन बीएसए द्वारा रोका जा सका है। लेकिन हालात सुधर नहीं रहे हैं।
विद्यालयों में अधिकतम उपस्थिति अभी भी 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो रही है। सरकार तीन से नौ साल के बच्चों को गणित व भाषा में पारंगत करने के लिए निपुण भारत अभियान चला रही है। उनके मानसिक व बौद्धिक विकास को लेकर कई कवायदें हो रही हैं, मगर जब बच्चे नियमित विद्यालय ही नहीं आ रहे हैं तो स्वाभाविक सी बात है कि अभियान कैसे सफल होगा। विभाग के अधिकारी स्वीकार करते हैं कि बिना उपस्थिति बढ़ाए अभियान पूरा नहीं हो सकता।

