प्रदर्शन के बाद अब शिक्षक नेताओं पर कार्रवाई शुरू, महानिदेशक के निर्देश पर टीमें भेजकर शिक्षक नेताओं के स्कूलों में छापामारी
एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ : लखनऊ नौ अक्टूबर को डीजी स्कूल शिक्षा के कार्यालय पर प्रदर्शन करने के बाद अब शिक्षक नेताओं पर सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्कूल में नहीं मिले शिक्षक : महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद के निर्देश पर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों की तीन-तीन सदस्यों की टीम बनाकर औचक निरीक्षण के लिए विभिन्न जिलों में भेजा गया। इन अधिकारियों में अपर परियोजना निदेशक रोहित त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक बेसिक शिक्षा गणेश कुमार, एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक पवन कुमार सचान, वरिष्ठ विशेषज्ञ मुकेश कुमार सिंह, वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी चरन मधुकर शुक्ला, वरिष्ठ विशेषज्ञ नंद कुमार, राजेंद्र प्रसाद, जीवेंद्र सिंह ऐरी, आनंद कुमार पांडेय, श्याम किशोर तिवारी, माधवजी तिवारी और विशेषज्ञ सतीश कुमार की टीमों को यूनाइटेड टीचर असोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों व समर्थक शिक्षकों के विद्यालयों में जांच के लिए भेजा गया। जांच दल ने आगरा एवं मथुरा जिले में संबंधित शिक्षक नेताओं, शिक्षकों और एआरपी के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया । इनमें 32 विद्यालयों में 40 शिक्षक- शिक्षिकाएं और 4 एआरपी के कामों की जांच की गई। जांच में कई शिक्षक और शिक्षिकाएं बिना अवकाश लिए ड्यूटी से गायब मिले। कई आधा समय बीतने के बाद स्कूल पहुंचे।
आय से अधिक संपत्ति की भी जांच : इन शिक्षकों के बारे में स्थानीय जनता व जनप्रतिनिधियों से भी फीडबैक लिया गया। कई के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति बनाने की भी शिकायतें मिलीं। ऐसे शिक्षकों को नोटिस देकर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

