Primary Ka Master Latest Updates👇

Tuesday, November 21, 2023

एनपीएस घोटाला : बिना सहमति लिए 100 शिक्षकों की धनराशि निजी कंपनियों में की निवेश

 मुरादाबाद। न्यू पेंशन स्कीम घोटाले की जांच मुरादाबाद मंडल में भी शुरू हो गई है। यहां पर अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत सौ शिक्षकों का मामला सामने आया है, जिनकी धनराशि बिना उनसे सहमति लिए निजी कंपनियों में निवेश की है। संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वादश मंडल मुरादाबाद का कहना है कि मुरादाबाद में प्रधान सहायक की संलिप्तता होने की वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई निदेशालय स्तर से की जाएगी।

एक अप्रैल 2005 के बाद से नियुक्त शिक्षकों की पेंशन की रकम बिना उनकी सहमति के निजी कंपनियों में निवेशित करने का मामला सामने आया है। इस पर शासन स्तर से सख्ती की गई। वहां से पेंशन कटौती से संबंधित सूचना मांगी गई। इसके बाद घोटाले के तथ्य सामने आए। मुरादाबाद मंडल में सबसे अधिक मामले मुरादाबाद जनपद में ही मिले हैं। यहां पर 75 शिक्षक हैं, जबकि रामपुर में चार और बिजनौर जनपद में 21 शिक्षकों की पेंशन की धनराशि में गड़बड़ी मिली है।



मुरादाबाद में की गई छिपाने की कोशिश

मुरादाबाद जनपद में 75 शिक्षकों की पेंशन धनराशि में हेराफेरी हुई है। इसके बावजूद माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी मामले को छिपाते रहे। अमर उजाला की ओर से शनिवार दोपहर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरुण कुमार दुबे से जब इस संबंध में कार्रवाई करने की जानकारी लेनी चाही तो डीआईओएस ने ऐसा कोई भी मामला होने से स्पष्ट इन्कार कर दिया था।



अन्य जनपदों में हो चुकी है एफआईआर

शिक्षकों-कर्मवारियों के पेंशन की रकम बिना उनकी सहमति के निजी कंपनियों में निवेशित करने का मामला प्रदेश के कई जनपदों में सामने आ चुका है। शासन ने जब कड़ाई की तो प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में संबंधित बाबुओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।


- एनपीएस मामले में कार्रवाई करने के निर्देश माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक ने ही दिए हैं। इसमें जो भी दोषी हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ सहायकों के निलंबन की कार्रवाई मेरे स्तर से होती है, जबकि प्रधान सहायक के खिलाफ निदेशालय से ही विभागीय कार्रवाई होगी। मंडल में सौ शिक्षकों का मामला सामने आया है। मुरादाबाद में सबसे अधिक 75 शिक्षकों का मामला है।

-मनोज कुमार द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वादश मंडल

- जिला विद्यालय निरीक्षक का एक प्रार्थनापत्र मिला है। आरोप है कि उनके बाबू ने दूसरे बैंक में पैसे भेज दिए हैं। पुलिस इस मामले में आरोपों की अभी जांच कर रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -आरपी शर्मा, थाना प्रभारी सिविल लाइंंस

एनपीएस घोटाला : बिना सहमति लिए 100 शिक्षकों की धनराशि निजी कंपनियों में की निवेश Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Updatemarts

Social media link