इन दिनों सड़कें, बाजार, दुकान खाली है. पब्लिक प्लेसेस पर दिन के समय सन्नाटा पसरा हुआ है. यह कुछ दिन बहुत सेंसिटिव है क्योंकि मौसम विभाग के एकॉर्डिंग इस साल पिछले साल के मुकाबले तीन गुना ज्यादा हीट वेव्स चल रही है. बीट द हीट की इस स्पेशल सीरीज में आज जानिए कि एक्स्ट्रीम हीट एक्सपोजर से आपको हेल्थ रिलेटिड कौन सी प्रॉब्लम्स हो सकती है. अगर आपको पहले से कोई हेल्थ कंडीशन नहीं है और आप पूरी तरह हेल्दी एडल्ट है, फिर भी आप इसकी जद में आ सकते हैं. साथ ही आज जानिए कि अगर कोई किडनी डिजीज का पेशेंट है तो वो इस समय किन बातों का ख्याल रखें.
किडनी डिजीज
हीट स्ट्रोक के बीच डिहाइड्रेशन की समस्या से बॉडी में पानी की कमी से किडनी फंक्शनिंग में समस्या आ सकती है. जिसके कारण बॉडी में जमा टॉक्सिंस को किडनी बाहर नहीं निकल पाती हैं. ऐसे में किडनी डैमेज का खतरा बढ़ सकता है. वही हीट स्ट्रीक होने पर किडनी फेल तक हो सकती है.
किडनी की बीमारी से पीड़ित लोग धूप में निकलने से बचें, ठंडे, हल्के कपड़े पहने, अपने डॉक्टर द्वारा बताये गये मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करें, कैफीन, नमक और अल्कोहल वाले पेय से बीपी को कंट्रोल में रखे और गरम पानी न पिये।
हीट कैंप्स
यह दरअसल हीट इलनेस या गर्मी से जुड़ी बीमारी का एक माइल्ड पॉमें है. आप तेज धूप में बाहर निकलते हैं, काफी देर तक गर्मी में रहते है तो आपके शरीर में तेज दर्द, ऐठन और कैम्प्स होने लगते है. कई बार बहुत गर्मी में इंटेंस एक्सरसाइज करने, दौड़ने से भी ऐख हो सकता है, यह सिर्फ इस बात का संकेत है कि शरीर पर उसकी क्षमता से ज्यादा दबाव पड़ा है और बैंडी टेंपरेचर मेन्टेन रखने के लिए उसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है, लेकिन गर्मी से दूर होते ही और थोड़ा आराम मिलते ही दर्द खत्म हो जाता है. यह ऐसे हीट इलनेस नहीं है, जिसमें कोई खतरा हो,
हीट कैप्स होने पर क्या करें
• तुरंत किसे ठंडी जगह पर जाए और आराम करें.
• जो भी एक्टिविटी कर रहे है, वो रोक दें.
• शरीर को हवा लगने दें. तुरंत नमक और चीनी के घोल वाला इलेक्ट्रोलाइट ले.
• जिन मासपेशियों में दर्द हो रहा है, उसे धीरे-धीरे स्ट्रेच करें
हीट एग्जॉशन
यह हीट कैप्स से ज्यादा सीवियर कंडीशन है. इसमें शरीर का बेसिक फ्लुइड लेवल कम हो जाता है. हीट एग्जॉशन तब होता है. जब गर्मी के सर्क में आने पर शरीर खुद को ठंडा रख पाने में अक्षम होता है. अगर इस लेवल पर तुरंत एक्शन न लिया जाए तो यही स्थिति हीट स्ट्रोक का कारण बन सकती है.
हीट एग्जॉशन होने पर क्या करें
• किसी ठंडी जगह पर जाएं और शरीर को सुस्ताने दें.
• अगर घर से बाहर हैं तो किसी एसी वाली दुकान, ऑफिस, बैंक या शॉपिंग मॉल के अंदर जा सकते हैं. तत्काल आसपास जो भी ठंडी जगह मौजूद हो, उसकी शरण लें.
• तुरंत इलेक्ट्रॉल या चीनी-नमक का पानी ले.
• अगर स्थिति में आधे घंटे में सुधार न हो तो तुरंत इमर्जेंसी में जाएं, IV (Intravenous) बोतल चढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है. खासतौर पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा रिस्क है.
हीट स्ट्रोक
हीट स्ट्रोक तब होता है, जब हमारे शरीर का बेसिक हीट रेगुलेटिंग सिस्टम गर्मी के सामने पूरी तरह कोलैप्स हो जाता है यानी थककर काम करना बंद कर देता है. यह खतरे की घंटी है. हीट स्ट्रोक होने पर तुरंत मेडिकल केयर की जरूरत होती है. न मिलने पर अचानक मौत भी हो सकती है.
हीट स्ट्रोक होने पर क्या करें
• हीट स्ट्रोक मेडिकल इमर्जेंसी सिचुएशन है. तत्काल एंबुलेंस बुलाएं या डॉक्टर के पास जाएं.
जब तक डॉक्टर के पास नहीं पहुंच जाते तो आर्मपिट और ग्रौइन एरिया में जॉइंट्स के पास आइस बैग्स रखें.
कपड़े उतारकर शरीर पर तुरंत ठंडा पानी डाले.
• अगर सक्षम हो तो डॉक्टर के पास पहुंचने तक इलेक्ट्रॉल पीते रहे.
समर कूलर/फालसे का शर्बत🥤
Ingredients
• फालसा 1 कटोरी
मिश्री 1/2 कटोरी भुना हुआ जीरा 1 टी स्पून काला नमक 1 टी स्पून क्यूब्स 5-6 पानी आइस ठंडा
Method of making
फालसा को साफ पानी में हल्के हाथों से धो लें. इसके बाद इसे 10 मिनट के लिए छत्री पर रख दें. इस बीच मिक्सर जार में आधा कप पानी और मिश्री डालकर उसे चम्मच से अच्छी तरह से घोल लें. ऐसा तब तक करें जब तक मिश्री पानी में पूरी तरह से ना घुल जाए. अब जार में फालसा डाल दें और उसे अच्छी तरह से मिक्स करें. अब मिक्सर जार में 4 कप ठंडा पानी डाल दें और मिक्सर चला दें. इसके बाद फालसा शरबत को एक बड़े बर्तन में डालकर छान लें. इसमें जीरा पाउडर भी डाल दें. इस तरह आपका एनर्जी ड्रिंक फालस का शरबत बनकर तैयार हो गया है. इसे गिलास में डाले और उसमें कुछ आइस क्यूब्स डालकर सर्व करें.
Benefits
• फालसा में विटामिन-सी अच्छी छांटिटी में पाया जाता है. इसके अलावा इस फल में मैग्नीशियम, पोटैशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और आयरन पाया जाता है.
इसमें लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स पाया जाता है, जिससे डायबिटीज को कंट्रोल करने में हेल्प मिल सकती है.
फालसा में पोटैशियम अच्छी कांटिटी में पाया जाता है, जो डायरिया में रिलीफ दिलाने में हेल्पफुल है.
फालसा को हार्ट की हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेट दिल से रिलेटेड बीमारियों से लड़ने में हेल्प करता है.
• इसको पीने से बॉडी में हीमोग्लोबिन बढ़ता है और एनीमिया की कमी को दूर किया जा सकता है.

