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Monday, June 3, 2024

बेसिक शिक्षा विभाग के बाबू के कथित भ्रष्टाचार और अनियमित नियुक्ति का कमिश्नर ने लिया संज्ञान

 बेसिक शिक्षा विभाग के बाबू के कथित भ्रष्टाचार और अनियमित नियुक्ति का कमिश्नर ने लिया संज्ञान

आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग आगरा में नियमों के विपरीत जाकर बाबू पर दिखाई गई अत्याधिक दरियादिली, विभागीय अधिकारियों के लिए गले का फांस बन सकती है। विभाग में कनिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात बाबू के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार और अनियमित नियुक्ति की शिकायत कमिश्नर से हुई है। कमिश्नर ने उक्त प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर जांच के निर्देश दिए हैं।



मनोज खान पुत्र शकूर खान निवासी तेहरा द्वारा कमिश्नर को बाबू के खिलाफ सौंपे शिकायतपत्र के मुताबिक बाबू द्वारा अपने प्रभाव के बलबूते जमकर खेल किया है। मनोज खान के आरोपों के मुताबिक बाबू की दिवंगत पत्नी विभाग में सहायक अध्यापक पद पर तैनात थी। पत्नी के स्थान पर मृतक आश्रित कोटे से नौकरी हासिल करने से पूर्व ही बाबू द्वारा पुनर्विवाह कर लिया गया। जिसके तहत मृतक आश्रित कोटे में नौकरी नहीं मिल सकती, इसके बावजूद सांठगांठ करके नौकरी हासिल कर ली गई। नियुक्ति मिलने के उपरांत बाबू को फतेहाबाद में कनिष्ठ बाबू के पद पर तैनाती मिल गई, इसी के साथ जिला कार्यालय में नियमों के विरुद्ध जाकर अटैचमेंट करवा लिया गया। फतेहाबाद और जिला कार्यालय का संयुक्त प्रभार बाबू को मिल गया। जिस समय बाबू को जिला कार्यालय पर लिपिक का पद मिला, उस समय वहां कोई लिपिक का पद रिक्त नहीं था। इसके बावजूद जिले पर तैनाती मिलना आश्चर्यजनक है। फतेहाबाद और जिला कार्यालय में किए जा रहे कथित भ्रष्टाचार की शिकायत पर बाबू को एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा था। दो माह जेल में रहने के उपरांत रिहाई होने पर, विभागीय अधिकारियों से सांठगांठ करके अपनी बहाली नगर क्षेत्र में करवा ली। इसके बाद गुपचुप तरीके से अपने को जिला कार्यालय में संबद्ध करा लिया गया। बाबू के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त होने पर उच्चाधिकारियों द्वारा उसका जिला कार्यालय से अटैचमेंट समाप्त करने और मूल तैनाती स्थल पर भेजने के लिखित निर्देश दिए थे। बाबू के प्रभाव वाले अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों के आदेश को भी रद्दी की टोकरी में डाल दिया।


जेल में निरुद्ध तिथियों के वेतन आहरित करने का आरोप


मनोज खान ने आरोप लगाया है कि बाबू के जेल में निरुद्ध रहने के दौरान उक्त तिथियों के वेतन पर न्यायालय के आदेश पर निर्भर था। इसके बावजूद उसका निरुद्ध तिथियों का वेतन जारी कर दिया गया।


शिकायत में प्रधान सहायक से गाली गलौज कर कर्मचारी नियमावली के उल्लंघन का आरोप


मनोज खान ने आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त बाबू द्वारा जिला कार्यालय में कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन करते हुए प्रधान सहायक से जमकर गाली गलौज और अभद्रता की थी। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में प्रकरण पहुंचने के बावजूद उस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। बाबू का अटैचमेंट पिनाहट में किया गया था, लेकिन उसके द्वारा पिनाहट में कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया।


एडी बेसिक पर पहुंची जांच


कमिश्नर को सौंपी शिकायत जांच हेतु एडी बेसिक आगरा पर पहुंच चुकी है। मनोज खान ने बताया कि विभाग द्वारा निष्पक्षता से जांच करने पर बाबू के काले कारनामों का पर्दाफाश होगा। विभाग में भ्रष्टाचार के दीमक पर अंकुश लगेगा। परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों का शोषण रुकेगा।


इनका कहना है


,, शिकायत का संज्ञान लेकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। दोनों पक्षों के तथ्यों का अवलोकन हो रहा है।


डॉ आईपी सिंह सोलंकी प्रभारी, एडी बेसिक

बेसिक शिक्षा विभाग के बाबू के कथित भ्रष्टाचार और अनियमित नियुक्ति का कमिश्नर ने लिया संज्ञान Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Updatemarts

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