शिक्षामित्रों ने शिक्षामित्र संघो से धरना प्रदर्शन करने की किया मांग
प्रशिक्षित स्नातक शिक्षामित्र साथियों। आप लोगों को अवगत कराना है कि शिक्षामित्र की दैनिक स्थिति को देखते हुए सरकार की उपेक्षाओं और संगठनों के नेताओं द्वारा आश्वासन एवं यूट्यूब की सूचनाओं के अलावा सरकार के नेताओं और मंत्रियों से बार-बार मिलने के उपरांत कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया एवं संगठन द्वारा कोई आगे की स्पष्ट रणनीति भी दिखाई नहीं दे रही है जबकि लोकसभा चुनाव के पहले संगठन द्वारा कहा गया था कि सब काम पूरा हो गया है केवल माननीय मुख्यमंत्री जी का साइन होना बाकी है अब चुनाव आचार संहिता खत्म हो चुकी है तो अब तक काम पूरा क्यों नहीं हो रहा है फिर वही पुरानी कहानी शुरू हो गई है जिसमें नेताओं से मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है और बार-बार आश्वासन दिया जा रहा है कि आप लोग धैर्य बनाए रखें काम होने वाला है और पिछले 7 सालों से यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है जिससे आम शिक्षामित्र अवसाद ग्रसित हो चुका है और लगभग
8000 शिक्षामित्र काल के गाल में समा गए हैं फिर भी नेताओं की नेतागिरी खत्म नहीं हो रही है। आज शिक्षामित्र तमाम संगठनों से धरना प्रदर्शन के लिए आग्रह कर रहा है कि अब घुट घुट के मरने से बेहतर है कि एक बार संघर्षपूर्ण धरना करके या तो अपना मान सम्मान वापस पा लें या वही लखनऊ की धरती पे लड़ कर मर जाएं या इस जिल्लत भरी नौकरी की गुलामी से मुक्त हो जाएं। अब शिक्षामित्र सभी संगठनों को 15 जुलाई तक का समय देता है अगर 15 जुलाई के अंदर धरना प्रदर्शन संगठन द्वारा नहीं किया गया तो 15 जुलाई के बाद आम शिक्षामित्रों की हैसियत से जिस प्रकार उमा देवी जी को नेतृत्व सौंप कर 2018 में विशाल धरना का आयोजन किया गया था उसी प्रकार से नए शिक्षामित्र आम शिक्षामित्रों की हैसियत से नई टीम बनाकर विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन करेंगे फिर किसी भी संगठन या उनके पदाधिकारी यह ना कहें की आम शिक्षा मित्रों ने संगठनों के ऊपर विश्वास नहीं किया जबकि
आम शिक्षा मित्र संगठनों के बार-बार बुलाने पर लखनऊ से दिल्ली तक के धरने में सहयोग एवं प्रतिभाग करता आ रहा है। निवेदक, विनय कुमार सिंह मिर्जापुर, जालंधर प्रसाद बस्ती, महेश उपाध्याय भदोही, अनवर अली कुशीनगर, रमेश चंद्र गोरखपुर, आदित्य पांडे बस्ती, शिव प्रसाद यादव अंबेडकर नगर, त्रिलोकी मौर्य गोरखपुर, अरविंद कुमार मौर्य कुशीनगर, खलीक अहमद सिद्धार्थनगर, केपी सिंह बदायूं, मुन्ना तिवारी भदोही, ओम प्रकाश सिंह चंदौली, गिरिजा शंकर जौनपुर, उमेश यादव संभल, राजेंद्र मिश्रा जौनपुर, मुनेश संभल, सत्यपाल संभल, धर्मेंद्र सिंह संभल, राम अवतार शर्मा आगरा, मुकेश शर्मा आगरा, मदन गोपाल आगरा, राम इकबाल यादव जौनपुर, बलराम चौधरी कौशांबी, दिनेश मिश्रा प्रतापगढ़, श्याम जी दुबे भदोही, दीपक श्रीवास्तव भदोही, सतीश पाल भदोही, रोहित सिंह जौनपुर, बीकेजी भदोही, अमित श्रीवास्तव कुशीनगर रेखा चौधरी मथुरा, सीमा सिंह कानपुर, पवन कुमार बहराइच, एवं समस्त आम प्रशिक्षित स्नातक शिक्षा मित्र साथी।

