पटना। राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों के पांच-पांच जर्जर प्राथमिक और माध्यमिक जर्जर स्कूलों का जीर्णोद्धार होगा। क्षतिग्रस्त छत, दीवार के साथ खिड़की, दरवाजों की भी मरम्मती होगी। स्कूल तक के रास्ते को भी दुरुस्त किया जाएगा जिससे छात्र आसानी से पहुंच सकें। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सभी विधायकों और विधान पार्षदों से अपने क्षेत्र के जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी है। प्रत्येक जिले में स्कूलों की मरम्मत के लिए 5 करोड़ रुपए दिए गए हैं। जिला प्रशासन और जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देशानुसार इसे खर्च किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के बारे में अधिक
जानकारी रखते हैं। ऐसे में पहले किन स्कूलों की मरम्मत की जाए, जनप्रतिनिधियों द्वारा बताया जा सकता है। राज्य में 74 हजार से भी अधिक स्कूल हैं। इनमें करीब 19 प्रतिशत जर्जर हैं। तीन प्रतिशत स्कूलों के पास अपना भवन ही नहीं है। सासाराम के सेमरिया स्थित प्राथमिक विद्यालय, मसौढ़ी के कोरियावां स्थित विद्यालय, कटिहार के कदवा प्रखंड की चंदहर पंचायत स्थित विद्यालय, मुंगेर की तारापुर दियारा पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय, बांका के अमरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय, पूर्वी चंपारण के समपुर मनोरथ स्थित प्राथमिक विद्यालय सहित कई जिलों के विभिन्न प्रखंडों में कई स्कूल जर्जर हैं। @pky

