अनुमंडल मुख्यालय स्थित प्रखंड शिक्षा पदधिकारी कार्यालय सिमरी बख्तियारपुर प्रशासनिक उदासीनता का शिकार हो गया है. यह कार्यालय कर्मी की इच्छा से चलती है. सरकारी कार्यालय के लिए एक पुरानी कहावत चर्चित है 12 बजे तक लेट नाहीं, 3 बजे के बाद भेंट नहीं. जो इस शिक्षा कार्यालय पर चरितार्थ हो रही है. उक्त समस्या रोजमरें की है. शनिवार को प्रखंड शिक्षा कार्यालय में 11.15 तक मात्र तीन कर्मी बीआरपी खुर्शीद आलम, बीआरपी बीरेंद्र कुमार भगत एवं परिचारी नुदरत जमी मौजूद थे. शेष प्रखंड शिक्षा पदधिकारी रंजन कुमार शर्मा सहित प्रखंड परियोजना प्रबंधक कुंदन कुमार, कनीय अभियंता राहुल कुमार, एमडीएम बीआरपी शैलेश मिश्रा, बीआरपी रवि उज्जवल, बीपीएम बबलू कुमार, लेखापाल तुषार देव, डाटा ऑपरेटर चंदन कुमार,
बीआरपी फितरत खातून, राकेश रंजन, मनोज पटेल अनुपस्थित थे. विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस प्रखंड में कुल प्राथमिक, मध्य विद्यालय मिलाकर 163, हाई स्कूल 24 तथा मदरसा 3 हैं. उपरोक्त कर्मियों के नहीं रहने से प्रखंड क्षेत्र के शिक्षकों का विद्यालय कार्य समय पर नहीं हो पाता है. बहुत दिनों तक दौड़ना पड़ता है. जिस कारण शारीरिक, आर्थिक व मानसिक परेशानियों के दौड़ से गुजरना पड़ता है. अनेकों शिक्षकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बीईओ सहित अन्य कीं स्कूल जांच, क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण के नाम पर कार्यालय से गायब रहते हैं. हकीकत में वैसा मामला रहता नहीं है. सभी अपने-अपने निजी कार्य व
आराम फरमाने में लगे रहते हैं. शिक्षकों ने वरीय पदाधिकारियों से इसकी सूक्ष्म जांच करने की मांग की है. चुकी शिक्षक उपरोक्त पदाधिकारियों के आतंक से त्रस्त रहा करते हैं.

