बच्चों के दोहरे नामांकन को छुपाने के लिए अभिभावक इन दोनों अपने बच्चों के जिंदगी से नादान बनाकर खिलवाड़ कर रहे हैं। यह मामला तब सामने आया है जब शिक्षा विभाग द्वारा दोहरे और फर्जी नामांकन को रोकने के लिए ई-शिक्षा पोर्टल पर बिना आधार बच्चों की जानकारी को अपडेट नहीं किया जा रहा है। जिले के शाहकुंड, गोराडीह,
सबौर प्रखंड से अभी यह जानकारी मिली है कि अभिभावक नामांकन को छुपाने के लिए निजी स्कूलों में ओरिजिनल आधार कार्ड, जबकि सरकारी स्कूल में डुप्लीकेट यानी आधार कार्ड के नंबर चेंज कर उसमें फोटो बदलवाकर फर्जी आधार कार्ड जमा कर रहे हैं। हालांकि स्कूलों द्वारा उसे अभिभावक को लेकर अभी शिक्षा विभाग में किसी तरह की लिखित शिकायत नहीं की गई है। इसके कारण उस पर कोई एक्शन नहीं हो पाया है। दरअसल, लगातार प्राथमिक शिक्षा निदेशक स्कूलों में फर्जी नामांकन को रोकने के लिए तत्परता से काम कर रहे हैं। इसके बावजूद भी स्थितियां गंभीर है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर सरकारी स्कूल और निजी स्कूल दोनों जगह बच्चों का नामांकन करा रहे हैं।
बिना आधार के नामांकितः शिक्षा विभाग के 27 जुलाई के रिपोर्ट के मुताबिक राज्य भर के 77412 विद्यालय में नामांकित दो करोड़ 21 लाख 23 हजार 666 बच्चों में एक करोड़ 32 लाख 11 हजार 271 बच्चों के पास ही आधार मौजूद है, जबकि ई-शिक्षा पोर्टल पर एक करोड़ 26
• दोहरे नामांकन को रोकने के लिए विभाग कर रहा पहल ई-शिक्षा पोर्टल पर होगा नया आप्शन, पकड़े जाएंगे छात्र
लाख 10 हजार 457 बच्चों का आधार कार्ड की शिक्षा पोर्टल पर सत्र 2024-25 में इंस्टाल किया गया है। जबकि, अभी 38 लाख 99 हजार 345 ऐसे बच्चे हैं जो बिना आधार कार्ड के हैं। वहीं राज्य की सूची में भागलपुर जिले का स्थान अभी 12 वें नंबर पर है। सरकारी और गैर सरकारी स्कूल मिलकर 2073 स्कूलों में चार लाख 39 हजार 686 बच्चे नामांकित हैं। इनमें 88560 बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है। वहीं 354 निजी स्कूलों में 106744 बच्चे नामांकित है। इनमें 49136 बच्चों के पास आधार कार्ड है, जबकि 42587 बच्चे का नामांकन बिना आधार के है। डीपीओ जमाल मुस्तफा ने बताया कि सभी स्कूलों को एक से दो दिनों में पूरा डाटा ई-शिक्षा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।

