विद्यालय का समय बदलने की कवायद
अमृत विचार। नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है। उमस भरी गर्मी में लोगों का हाल बेहाल है। बिजली विभाग के अभियंताओं ने पेड़ों की कटाई व केबल दुरुस्त करने के नाम पर अनुरक्षण मद का बजट खूब खर्च किया। बावजूद इसके बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।
गर्मी के साथ बिजली कटौती बढ़ने से लोगों की रात की नींद छिन गई है। दिन में उमस से बेहाल लोग पसीने से तर-बतर रहते हैं। वहीं परिषदीय विद्यालयों में नौनिहाल गर्मी से गश खाकर गिर रहे हैं। कई विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं है। जहां है, वहां बिजली आती नहीं है। ऐसे में धूप व गर्मी को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने विद्यालय समय परिवर्तित करने की मांग की है।
उमस भरी गर्मी में सबसे ज्यादा खराब स्थिति परिषदीय विद्यालयों के नौनिहालों की है। दोपहर 12 बजे के बाद धूप के साथ ही विद्यालय के कमरे तपने लगते हैं। इससे बच्चे और शिक्षक पसीने से तर-बतर हो जाते हैं। विकास खंड बलरामपुर के प्राथमिक विद्यालय कुकुरभुकवा में एक बच्चा गर्मी के कारण गश खाकर गिर
गया। बच्चे के गिरने से साथी छात्रों व शिक्षकों में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में हाथ पंखा हिलाकर व ठंडे से पानी से शिक्षिका ने बच्चे का मुंह धुला। कुछ देर हाथ पंखे की हवा देने के बाद छात्र की स्थिति सामान्य हुई। इसी तरह अत्यधिक गर्मी के कारण कंपोजिट विद्यालय मुजेहनी में भी दो बच्चों के बेहोश होने की खबर है। प्राथमिक विद्यालय बेलहा व खजुरिया में भी बच्चों के गश खाकर गिरने से प्राथमिक चिकित्सा के बाद घर भेजा गया।

