मथुरा। विधान परिषद सदस्य योगेश चौधरी नौहवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मथुरा बीएसए के खिलाफ 40 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है। कहा है कि कर्मचारी ने बीएसए के कहने पर ही रिश्वत ली थी। कर्मचारी तो पकड़ा गया लेकिन मुकदमे में नामजद होने के बावजूद बीएसए सुनील दत्त पर कोई एक्शन नहीं हो रहा है। उन्होंने इस प्रकरण को विधान परिषद में भी उठाने की बात कही है।
बीएसए कार्यालय में तैनात कर्मचारी ब्रजराज को 19 जून को एंटी करप्शन की टीम ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों पकड़ा था। लिपिक ने बयान दिया था कि बीएसए सुनील दत्त की शह पर उसने रिश्वत मांगी थी। इसके पीछे तर्क दिया है कि वृंदावन के जूनियर हाईस्कूल में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामेश्वर सिंह की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का नोटिस बीएसए के द्वारा जारी किया गया था। नोटिस का निस्तारण बीएसए का ही अधिकार क्षेत्र है। रिश्वत में से कुछ हिस्सा बीएसए द्वारा स्वेच्छा से उसे दिया जाना तय हुआ था। एंटी करप्शन की टीम ने रिफाइनरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। ब्रजराज फिलहाल जेल में है।

