जुगाड़ व्यवस्था से साफ होते हैं परिषदीय स्कूलों के शौचालय
कानपुर : परिषदीय स्कूलों में सफाई
कर्मचारियों की नियुक्ति न होने से स्वच्छता अभियान ठप सा है। स्कूलों में शिक्षक जुगाड़ व्यवस्था का सहारा लेकर परिसर व शौचालय में सफाई कराने के लिए मजबूर हैं। प्रतिमाह 1500 से दो हजार रुपये तक खर्च कर शिक्षक निजी सफाई कर्मी लगाकर सफाई कराते हैं। तत्कालीन डीएम विशाख जी ने पिछले साल मार्च में नगर आयुक्त और सीडीओ को पत्र जारी कर स्कूलों में सफ़ाई कर्मचारी लगाने के लिए निर्देश दिए थे। एक साल से ज्यादा समय बीत गया लेकिन सफाई व्यवस्था के हालात जस के तस हैं।

