बोर्ड परीक्षा : डगर हुई कठिन पंद्रह किमी तक बनेंगे केंद्र
ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की तैयारी चल रही है। परिषद की ओर से केंद्र निर्धारण के लिए करीब 15 से अधिक बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की गई है। इस बार केंद्र की दूरी भी अधिकतम तीन किमी तक बढ़ा दी है। जिसे 12 से बढ़ाकर 15 किमी तक कर दिया गया है।
पूर्व की तरह प्रबंधकीय विवाद वाले विद्यालय केंद्र बनने की सूची से बाहर ही रहेंगे। इसके साथ ही विद्यालयों के बीच परीक्षार्थियों का पारस्परिक आवंटन भी नहीं होगा। जिसमें केंद्रों की दूरी से लेकर छात्र आवंटन एवं विवाद वाले विद्यालयों को केंद्र न बनाने की सहमति दी गई है। जिले में 38 राजकीय, 25 वित्तपोषित समेत कुल 193 माध्यमिक और इंटर कॉलेज हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में करीब 55 हजार अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है। फरवरी में संभावित वार्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की कवायद शुरू हो गई है। 25 सितंबर तक स्कूलों की ओर से आवेदन लिए गए।
जियो टैगिंग के बाद डीएम के निर्देश पर गठित टीम सत्यापन में जुट गई है। बोर्ड की तरफ से केंद्र निर्धारण की नीति भी लागू कर दी गई है। जिसमें 2023 के सापेक्ष कई परिवर्तन किए गए हैं। जिसमें केंद्रों की दूरी भी तय कर दी गई है।
छात्रों के परीक्षा केंद्र 12 किमी दूर बनेंगे। विशेष परिस्थिति में उसे 15 किमी दूर भी बनाया जा सकेगा। शहरी और
ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं व दिव्यांग परीक्षार्थियों को स्वकेंद्र की सुविधा भी दी गई है, लेकिन, यह सुविधा उन्हीं कॉलेजों के छात्राओं को मिलेगी, जो कॉलेज परीक्षा केंद्र बनेंगे।
अगर उनका कॉलेज केंद्र नहीं बनता है तो बालिकाओं का परीक्षा केंद्र सात किमी की परिधि में बनाया जाएगा। अभी तक छात्राओं के लिए परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर पांच किमी परिधि का मानक तय किया गया था।
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए
सभी कॉलेजों से सूचनाएं अपलोड हो चुके हैं। डीएम की ओर से गठित टीमें सत्यापन कर रही हैं। 15 अक्तूबर तक सत्यापन पूर्ण होने के बाद केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अंशुमान, डीआईओएस।

