तो सुरक्षित नहीं रह गई एडेड माध्यमिक शिक्षकों की नौकरी!, क्या है असल समस्या जानिए
एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ : शिक्षा सेवा चयन आयोग वनने के वाद प्रदेश के एडेड माध्यमिक शिक्षकों को अपनी नौकरी जाने का डर सताने लगा है। इसकी वजह यह है कि पहले जव माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन वोर्ड था तो उसकी नियमावली में सेवा सुरक्षा का प्रावधान था। नए आयोग की नियमावली में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। एडेड शिक्षकों का दावा है कि इसका फायदा उठाते हुए प्रदेश के कई कॉलेजों में प्रबंधकों ने शिक्षकों पर मनमाने ढंग से कार्रवाई शुरू कर दी है।
एडेड शिक्षकों का कहना है कि आयोग की नियमावली में भर्तियों के वारे में तो नियम वनाए गए हैं, लेकिन सेवा सुरक्षा संबंधी कोई प्रावधान नहीं है। इसी का फायदा उठाकर प्रबंधतंत्र मनमानी कर रहे हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आरपी मिश्र वताते हैं कि हरदोई के वीएन इंटर कॉलेज में पहले शिक्षक जगन्नाथ की प्रसाद को निलंवित किया। फिर 30 सितंबर को सेवा समाप्त कर दी गई। माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रांतीय मंत्री ओम प्रकाश त्रिपाठी बताते हैं कि गोरखपुर में भी कुछ शिक्षकों पर प्रबंधतंत्र ने इसी तरह मनमानी कार्रवाई की है।

