अंबेडकरनगर। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की बड़ी मनमानी सामने आई है। इस समय स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षा चल रही है। बृहस्पतिवार को बीएसए के नेतृत्व में टीम ने निरीक्षण किया तो तीन स्कूल सुबह नौ बजे तक बंद पाए गए। वहीं प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र, अनुदेशक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी समेत कुल 55 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। इनमें से दो अनुदेशक पिछले कई दिनों से अनुपस्थित चल रहे हैं।
अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान भी शिक्षकों को समय से स्कूल पहुंचने की सुध नहीं रही। बृहस्पतिवार को प्रथम पाली में कक्षा तीन से कक्षा आठ तक हिंदी व सामाजिक विषय की परीक्षा, जबकि दूसरी पाली में अंग्रेजी की परीक्षा होनी थी। इस दौरान बीएसए के नेतृत्व में 10 बीईओ की टीम ने निरीक्षण किया तो कंपोजिट विद्यालय शिवबाबा सुबह नौ बजे तक बंद पाया गया। यहां तैनात शिक्षक विभा सिंह, रीता देवी, अमिता वर्मा, प्रसून कुमार, शीबा तथा अनुचर साधना व किरन विद्यालय नहीं पहुंच सकी थीं। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय रामपुर सकरवारी प्रथम भी बंद था। यहां शिक्षक सुमन वर्मा, अजरा फातिमा, सुमल पाल, कालिंदी उपाध्याय, व शिक्षामित्र रेखा देवी विद्यालय में नहीं मिलीं।
प्राथमिक विद्यालय कोटवा सीहमई में भी ताला लटकता मिला। यहां प्रधानाध्यापक रेनू सिंह, शिक्षक एकता वर्मा व प्रभावती विद्यालय नहीं पहुंची थीं। इन सभी शिक्षकों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है। वेतन व मानदेय भी रोक दिया गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय उकरा के अनुदेशक सिद्धार्थ गौतम 19 दिसंबर से, जबकि यहीं तैनात अनुदेशक गौरव 23 दिसंबर से लगातार अनुपस्थित मिले। सिकंदरपुर की शिक्षिका गीता, अनुचर सत्यदेव वर्मा, कोटवा महमदपुर की प्रधानाध्यापिका सीमा वर्मा, बनगांव की सहायक अध्यापिका प्रियंका, अरिऔना की प्रधानाध्यापिका रेखा पांडेय, शिक्षिका आकांक्षा श्रीवास्तव, गोविंदगनेशपुर के शिक्षामित्र मनोज श्रीवास्तव, समेत कई अन्य विद्यालयों में शिक्षक नहीं मिले।
की जाएगी विभागीय कार्रवाई
गैरहाजिर मिले सभी शिक्षक व कर्मचारियों का मानदेय व वेतन रोकते हुए नोटिस जारी किया गया है। यह मनमानी कतई स्वीकार्य नहीं है। जवाब संतोषजनक न रहा, तो विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। - बीपी सिंह,

