आप सभी को सुप्रभात, और आप सभी को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह दिन हमें सुभाष चंद्र बोस, डॉ. बी.आर. अंबेडकर और महात्मा गांधी जैसे हमारे कई महान नेताओं की दूरदर्शिता और योगदान को याद करना चाहिए। आज हम 76वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं, जो 26 जनवरी, 1950 को हमारे संविधान को अपनाने का प्रतीक है। यह दिन इसलिए भी बहुत खास हो जाता है क्योंकि इस दिन ही हमने अंग्रेजों के नियम-कायदों से हटकर अपना अलग संविधान तैयार करने के बाद उसे लागू किया था।
चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूंथा जाऊं
चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊं
चाह नहीं, सम्राटों के शव पर, हे हरि, डाला जाऊं
चाह नहीं, देवों के सिर पर चढूं, भाग्य पर इठलाऊं
मुझे तोड़ लेना वनमाली!
उस पथ में देना तुम फेंक
मातृ-भूमि पर शीश चढ़ाने
जिस पथ जावें वीर अनेक
- माखन लाल चतुर्वेदी

