प्रयागराज। हाईकोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक देश के लिए चुनाव कराना बेशक महत्वपूर्ण कार्य है, लेकिन इसके लिए नौनिहालों की शिक्षा के हक से समझौता नहीं किया जा सकता। दोनों के बीच संतुलन बनाने का विकल्प तलाशना जरूरी है।
यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अजय भनोट की अदालत ने ने झांसी इ के बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात सहायक अध्यापक सूर्य प्रताप सिंह की याचिका निस्तारित करते हुए की है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव संबंधी कार्य का दायित्व शिक्षकों पर अंतिम विकल्प के रूप में ही सौंपा जाना चाहिए। दरअसल, याची ने डीएम झांसी की ओर से अगस्त 2024 में जारी बूथ लेवल अधिकारियों की सूची को चुनौती दी थी। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि शिक्षकों को चुनाव संबंधी जिम्मेदारी सौंपने से शिक्षण कार्य प्रभावित होता है

