प्रधानाध्यापक पद का वेतन दिए जाने संबंधी याचिकाओं पर BSA का निस्तारण... किसी को नहीं मिलेगा इंचार्ज प्रधानाध्यापक का वेतन.. 😒
मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्डपीठ लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या-10200/रिट-A/2024 अनिल कुमार यादव एवं (43 अन्य) बनाम उ०प्र० सरकार व अन्य में मा० उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 05.11.2024 के अनुपालन में याचीगणों द्वारा विभिन्न तिथियों में प्रस्तुत प्रत्यावेदन का निस्तारण।
श्री अनिल कुमार यादव सहित 43 अन्य याचीगण जनपद अयोध्या के विभिन्न विकास खण्डों के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत है। सम्बन्धित विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद रिक्त होने के कारण सहायक अध्यापकों द्वारा इन्चार्ज प्रधानाध्यापक के पद का दायित्व निर्वहन करने के प्रति याचीगणों द्वारा प्रधानाध्यापक के पद का वेतन दिये जाने का अनुरोध किया है। उक्त के सन्दर्भ में श्री अनिल कुमार यादव एवं 43 अन्य याचीगणों द्वारा मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्डपीठ लखनऊ में रिट याचिका संख्या-10200/रिट-A/2024 योजित की गयी, जिस पर मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्डपीठ लखनऊ द्वारा दिनांक 05.11.2024 को आदेश पारित किया गया। जिसका प्रभावी अंश निम्नवत है।
Considering innocuous prayer being made by learned counsel for petitioners, without entering into the merits of the case and particularly since adjudication of petitioners' grievance would entail factual aspects, liberty is granted to petitioners to file fresh individual representation before opposite party no.3 i.e. District Basic Education Officer, Ayodhya who is directed to take a final decision in the light of aforesaid judgment, in case the same is applicable, within a period of six weeks from the date a certified copy of this order is produced before the said aurthority along with fresh representation(s).
With the aforesaid observation, petition stands disposed of.
मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्डपीठ लखनऊ द्वारा याचिका संख्या-10200/रिट-A/2024 पर पारित आदेश दिनांक 05.11.2024 के अनुपालन में याचीगणों द्वारा कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अयोध्या में विभिन्न तिथियों को प्रत्यावेदन प्रस्तुत करते हुए प्रधानाध्यापक के पद का वेतन दिये जाने का अनुरोध किया गया। मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्डपीठ लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या-10200/ रिट-A/2024 में मा0 न्यायालय के पारित आदेश दिनांक 05.11.2024 के समादर में कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अयोध्या के पत्रांकः कोर्ट केस/पदो०/ परिषदीय/8061-63/2024-25 दिनांक 11.02.2025 को सुनवायी सम्पन्न हुई। जिसमें श्री अनिल कुमार यादव सहित कतिपय याचीगण उपस्थित हुए।
सारांश
विभागीय नियमावली एवं शासनादेश में इन्चार्ज प्रधानाध्यापक (सहायक अध्यापक) को प्रधानाध्यापक के पद का वेतन दिये जाने के सम्बन्ध में कोई प्राविधान नही है। इन्चार्ज प्रधानाध्यापक (सहायक अध्यापक) को प्रधानाध्यापक के पद का वेतन दिये जाने सम्बन्धी प्रकरण नीतिगत है।
उल्लेखनीय है कि मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद में योजित रिट याचिका संख्या-18228/2022 त्रिपुरारी दूबे व अन्य में पारित आदेश के विरूद्ध मा० न्यायालय के समक्ष विभाग द्वारा स्पेशल अपील योजित की गयी है। जो स्पेशल अपील संख्या 539/2024 सचिव बेसिक शिक्षा परिषद व 02 अन्य बनाम त्रिपुरारी दूबे व 03 अन्य के रूप में मा० न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। उक्त के कम में ही कार्यालय सचिव उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के बे०शि०प०/8504-8580 / 2024-25 दिनांक 12.08.2024 द्वारा उपरोक्त प्रकृति की याचिकाओं के विरूद्ध स्पेशल अपील योजित कराते हुए प्रभावी पैरवी कराने के निर्देश प्रदान किये गये है।
निर्णय
प्रकरण नीतिविषयक एवं नियमावली में कोई प्राविधान न होने के कारण श्री अनिल कुमार यादव सहित 43 अन्य याचीगणों द्वारा किया गया अनुरोध स्वीकार किये जाने योग्य नहीं है। अतः याचीगणों द्वारा विभिन्न तिथियों में प्रस्तुत प्रत्यावेदन तथ्यहीन व बलहीन होने के कारण एतद् द्वारा निरस्त करते हुए निस्तारित किया जाता है।
(सन्तोष कुमार राय) जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अयोध्या


