बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही, 2652 शिक्षकों के वेतन मामले लंबित, पढ़िए पूरी खबर
रायबरेली का बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag प्रदेश में अपनी लापरवाही को लेकर सुर्खियों में है। चयन वेतनमान (Selection Pay Scale) के मामलों को लंबित रखने के मामले में रायबरेली पूरे उत्तर प्रदेश UP में छठे स्थान पर पहुंच गया है, जिससे 2652 शिक्षकों और कर्मचारियों karmchariyon को पिछले एक साल year से गंभीर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।2652 शिक्षकों Teacher को ₹5000 का मासिक नुकसान
चयन वेतनमान’ वह लाभ है जो 10 साल year तक बिना पदोन्नति promotion के काम करने वाले शिक्षक teacher को दिया जाता है। लेकिन अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण रायबरेली जनपद के 2652 कर्मचारियों karmchariyon को यह लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल year से अधिक समय से मामले लंबित होने के कारण प्रत्येक शिक्षक Teacher को लगभग 4,000 से 5,000 रुपये rupye प्रतिमाह का सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है।
बीएसए ने जारी किए ‘शून्य’ आदेश
प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि इतने बड़े पैमाने पर मामले लंबित होने के बावजूद, बेसिक शिक्षा अधिकारी BSA (बीएसए) द्वारा आज तक एक भी आदेश जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों की इस निष्क्रियता को महानिदेशक मोनिका रानी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने आदेश में स्पष्ट कहा है कि शत प्रतिशत आदेश न जारी कर पाना बीईओ BEO और बीएसए BSA की उदासीनता और लापरवाही का द्योतक है, जिसे कदापि स्वीकार्य नहीं किया जा सकता।
फॉर्म भरवाए, फाइलें बनवाईं, मगर काम शून्य
कर्मचारियों karmchariyon ने बताया कि चयन वेतनमान के लिए पहले ऑफलाइन फॉर्म offline from भरवाए गए, कागजात की फोटोकॉपी photocopy ली गई, फिर ऑनलाइन कार्यवाही के नाम पर सितंबर माह में प्रशिक्षण भी हुआ। इसके बाद फिर से ऑफलाइन फॉर्म भरवाकर फाइलें बनवाई गईं, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते आज तक किसी एक कर्मचारी karmchari को भी इसका लाभ नहीं मिल पाया है।

