फर्जीवाड़े में प्रधानाचार्य और बेटे को नहीं मिली राहत
गोंडा। फर्जीवाड़ा कर संस्कृत विद्यालय में बेटे को शिक्षक पद पर नियुक्ति दिलाने के मामले में आरोपी प्रधानाचार्य को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने प्रधानाचार्य व उनके बेटे की एफआईआर निरस्त करने की याचिका खारिज कर दी है।
कौड़िया के पिढ़िन कौड़िया स्थित श्री गणेश संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उसी गांव के रहने वाले वेदपति त्रिपाठी प्रधानाचार्य हैं। आरोप है कि उन्होंने प्रबंधक और सदस्यों का फर्जी हस्ताक्षर कर 15 अक्तूबर 2024 को विद्यालय में नव्य व्याकरण विषय में शिक्षक पद पर अपने पुत्र वागीश पति त्रिपाठी की नियुक्ति कर दी। जबकि उसी पद पर विद्यापति त्रिपाठी संविदा शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। फर्जी हस्ताक्षर कर जिला विद्यालय निरीक्षक से पत्राचार भी किया।
इसकी जानकारी ग्राम पैंड़ीबरा निवासी विद्यालय प्रबंधक व्याकुल किशोर मिश्र को हुई तो उन्होंने आठ अक्तूबर 2025 को कौड़िया थाने में प्रार्थना पत्र देकर प्रधानाचार्य व उनके बेटे के खिलाफ केस दर्ज कराया। मुकदमे में कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए वेदपति त्रिपाठी और उनके बेटे ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर कर एफआईआर निरस्त करने की मांग की।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजेश कुमार और न्यायमूर्ति जफीर अहमद ने मामले के तथ्य, साक्ष्य, परिस्थितियों और याचिका कर्ताओं के अधिवक्ता की ओर से बल न देने के आधार पर याचिका निरस्त करने का आदेश दिया।

