नए साल में कब-कब रहेगा पंचक का साया? भूलकर भी न करें 5 काम
सनातन धर्म में पंचक को अशुभ रूप में देखा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दौरान शुभ और मांगलिक काम का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है और जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए शुभ और मांगलिक काम को करने से पहले पंचक जरूर देखा जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि जनवरी से लेकर दिसंबर तक कब-कब होगा पंचक (Panchak 2026 Dates) का साया।
जनवरी 2026 पंचक
पंचांग के अनुसार, साल के पहले महीने में पंचक 21 जनवरी को रात 01 बजकर 35 मिनट से शुरू होंगे और 25 जनवरी को 01 बजकर 35 मिनट पर समापन होगा
फरवरी 2026 पंचक
पंचक 17 फरवरी को सुबह 09 बजकर 05 मिनट से शुरू होंगे और 21 फरवरी को शाम 07 बजकर 07 मिनट पर समापन होगा।
मार्च 2026 पंचक
पंचक 16 मार्च को शाम 06 बजकर 14 मिनट से शुरू होंगे और समापन 21 मार्च को रात 02 बजकर 27 मिनट पर होगा।
अप्रैल 2026 पंचक
13 अप्रैल से प्रात:काल 03 बजकर 44 मिनट से लेकर 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 02 मिनट तक पंचक रहेंगे।
मई 2026 पंचक
पंचक 10 मई को दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से शुरू होंगे और समापन 14 मई को रात 10 बजकर 34 मिनट पर समापन होगा।
जून 2026 पंचक
पंचक 06 जून को शाम 07 बजकर 03 मिनट से शुरू होंगे और 11 जून को प्रात:काल 08 बजकर 16 मिनट पर होगा।
होगा।
जुलाई 2026 पंचक
पंचक 04 जुलाई को रात 12 बजकर 48 मिनट से शुरू होंगे और 08 जुलाई को शाम 04 बजे समापन होगा। इसी महीने में दूसरी बार पंचक 31 जुलाई को प्रात:काल 06 बजकर 38 मिनट पर शुरू होंगे और 04 अगस्त को 09 बजकर 54 मिनट पर समापन होगा।
अगस्त 2026 पंचक
पंचक 27 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 35 मिनट से शुरू होंगे और 01 सितंबर को रात 03 बजकर 23 मिनट पर समापन होगा।
सितंबर 2026 पंचक
पंचक 23 सितंबर की रात 09 बजकर 57 मिनट से शुरू होंगे और 28 सितंबर को सुबह 10 बजकर 16 मिनट पर समापन होगा।
अक्टूबर 2026 पंचक
पंचक अक्टूबर 21 अक्टूबर को सुबह 07 बजे से शुरू होंगे और 25 अक्टूबर को शाम 07 बजकर 22 मिनट पर समापन होगा।
नवंबर 2026 पंचक
पंचक 17 नवंबर को दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से शुरू होंगे 22 नवंबर को प्रात:काल 05 बजकर 54 मिनट पर समापन होगा।
दिसंबर 2026 पंचक
पंचक 14 दिसंबर को रात 10 बजकर 35 मिनट से शुरू होंगे और 19 दिसंबर को दोपहर 03 बजकर 58 मिनट पर समापन होगा।
पंचक में भूलकर भी न करें ये काम
पंचक में दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। इस दिशा में यात्रा करने से अशुभ फल प्राप्त होता है।
इसके अलावा नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।
विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश समेत आदि काम नहीं करने चाहिए।
चारपाई को बुनने का काम करने की मनाही है।
इस अवधि के दौरान अंतिम संस्कार को आटे के पुतले के साथ करना चाहिए।

