समायोजन भाग तीन केस :
माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में आज कोर्ट नंबर 18 में सीरियल नंबर 29 पर देवरिया के कनिष्ठ शिक्षक शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण सुनवाई है।
केस का मजबूत पक्ष यह है कि माननीय उच्च न्यायालय कनिष्ठ शिक्षक शिक्षिकाओं के समायोजन को वर्ष 2024 में रद्द कर चुकी है।
समायोजन भाग तीन के शासनादेश में किसका समायोजन होना है यह न दर्शाकर राज्य सरकार के समुचित अधिकारी ने स्थानीय प्राधिकारी को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना करने की खुली छूट दी है। शासनादेश लखनऊ से जारी हुआ है इसलिए रिट लखनऊ में फाइल हुई है।
केस का कमजोर पक्ष : स्थानीय प्राधिकारी का न्यायाधिकार क्षेत्र इलाहाबाद में आता है। इसलिए सरकार यदि न्यायाधिकार क्षेत्र को लेकर विरोध करेगी तो याचिका वापस लेनी पड़ सकती है। क्योंकि शासनादेश इस बात को लेकर म्यूट है कि किसका समायोजन करना है। जिला समिति ने काउंसलिंग कराई है जिसे कि कनिष्ठ शिक्षक शिक्षिकाओं ने छोड़ दिया है।
इस तरह से यदि माननीय उच्च न्यायालय शासनादेश में किसका समायोजन करना है इंगित न होने के विंदु से सहमत होती है तो देवरिया में समायोजन पर रोक लग जाएगी और न्यायाधिकार क्षेत्र का मुद्दा उठता है तो रिट वापस लेनी पड़ेगी।
अविचल

