फर्जी अभिलेख पर शिक्षक बनकर लिया वेतन, गिरफ्तार
बलरामपुर। मदरसा जामिया अरबिया अनवारुल उलूम से जुड़े फर्जी नियुक्ति और वेतन घोटाले के आरोपी सहायक अध्यापक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कूटरचित दस्तावेज के सहारे सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति दिखाकर फर्जी उपस्थिति और मासिक वेतन बिलों के माध्यम से सरकारी धनराशि का गबन करने का आरोप है।
मामले का खुलासा 16 दिसंबर को हुआ था। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत कुमार मौर्या ने थाना तुलसीपुर में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि मदरसा जामिया अरबिया अनवारुल उलूम, तुलसीपुर में सहायक अध्यापक की नियुक्ति के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। आरोप है कि प्रधानाचार्य और लिपिक द्वारा तथ्यों को छिपाते हुए फर्जी तरीके से उपस्थिति रजिस्टर प्रमाणित किया गया और लगातार फर्जी मासिक वेतन बिल प्रस्तुत कर सरकारी धनराशि का गबन किया गया।
जांच के दौरान साक्ष्य संकलन के बाद पुलिस ने आरोपी मो. अहमद अंसारी निवासी ग्राम शेखपुर, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर को 26 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया। तुलसीपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्य और लिपिक की तलाश की जा रही है।
बिना आवेदन के हुई नियुक्ति और बिना पढ़ाई लिया वेतन
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पास एक नियुक्ति प्रमाणपत्र आया था, हालांकि उसने इसके लिए कोई आवेदन नहीं किया था। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर अप्रैल 2025 में मदरसे के लिपिक अजीज अहमद ने उसकी जॉइनिंग करा दी गई। बताया कि वह कभी भी मदरसे में पढ़ाने नहीं गया और न ही उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर किए। इसके बावजूद सितंबर 2025 तक उसके खाते में नियमित रूप से वेतन आता रहा। बाद में सितंबर में उसने त्यागपत्र दे दिया। एसपी विकास कुमार ने बताया कि मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

